रिहाई के बाद अपनी कुटिया में चिन्मयानंद
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दुष्कर्म के आरोप में 20 सितंबर से जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद बुधवार जेल से रिहा हो गए। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से उनकी रिहाई का परवाना शाम चार बजे जेल भेजा गया। जहां से उन्हें शाम पांच बजे रिहा कर दिया गया। रिहाई के दौरान जेल गेट पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही। जेल से निकलने के बाद समर्थकों ने फूल-मालाएं देकर उनका स्वागत किया।
जेल से निकलकर चिन्मयानंद नई गाड़ी में बैठकर भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद के साथ विसरात स्थित हनुमत धाम पहुंचे। उनकी गाड़ी के पीछे अन्य गाड़ियों का काफिला था। हनुमत धाम पहुंचने पर उन्होंने देवी देवताओं के दर्शन किए। इसके बाद मुमुक्षु आश्रम पहुंचे। इससे पहले केरुगंज के पास उनका समर्थकों ने स्वागत किया। चिन्मयानंद को जेल से बाहर देखकर उनके समर्थक खासे उत्साहित थे।
मुमुक्षु आश्रम पहुंचने पर यहां एनसीसी कैडेट ने उन्हें सलामी दी। मुमुक्षु गेट पर भी कॉलेज स्टाफ व समर्थकों ने गुलाब के फूल देकर स्वागत किया। वह मुमुक्षुु आश्रम स्थित दिव्यधाम पहुंचे। कुछ देर वह बरामदे में बैठे, फिर समर्थकों की भीड़ के साथ कमरे में चले गए। कुछ देर बाद वह दिव्यधाम से बाहर निकलकर समर्थकों से बातचीत में मशगूल हो गए।
उन्होंने इस दौरान मीडिया से कोई बात नहीं की। बता दें कि एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में एसआईटी ने चिन्मयानंद को 20 सितंबर को सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें भेज दिया गया था। तब से वह जेल में थे। सोमवार को उनकी इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हुई थी। मंगलवार देर शाम जमानत मंजूरी आदेश के पत्र एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में दाखिल किए गए।
जहां दो-दो लाख रुपये की जमानत धनराशि मंजूर करते हुए जमानत प्रपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए। सत्यापन प्रपत्र मिलने के बाद स्पेशल कोर्ट से उनकी रिहाई का परवाना जेल भेज दिया गया।