बरेली। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा ने एडमिशन प्रक्रिया के दौरान अपने आपराधिक इतिहास का उल्लेख न करके विश्वविद्यालय प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की। मगर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर एके जैतली ने उसी दौरान यह गड़बड़ी पकड़ ली और जिस मामले में वह जेल में है, उसका उल्लेख कराया।
सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़ित छात्रा और उसके भाई को मनचाहे कॉलेज में एडमिशन दिलाने के निर्देश दिए थे। इस पर 18 अक्तूबर को छात्रा पुलिस अभिरक्षा में रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने पहुंची थी। इस दौरान छात्रा का कॉलेज ट्रांसफर पत्र, परीक्षा फॉर्म, आईकार्ड, हॉस्टल समेत सारी प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। मगर फॉर्म भरने के दौरान छात्रा ने आपराधिक इतिहास बताने संबंधी कॉलम में ‘नहीं’ लिख दिया। हालांकि यह गड़बड़ी छिप नहीं सकी।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर एके जैतली ने बताया कि उन्होंने छात्रा की यह गड़बड़ी फौरन पकड़ ली और फिर उस कॉलम में मौजूदा प्रकरण का उल्लेख कराया, जिसके चलते वह जेल में है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि छात्रा ने यह गड़बड़ी जानबूझकर की या धोखे से ऐसा हुआ।