शाहजहांपुर। एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद उर्फ कृष्णपाल सिंह के जेल में उच्च सुविधा मांगे जाने के प्रार्थना पत्र को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विधि सम्मत न पाने पर खारिज कर दिया है।
चिन्मयानंद की ओर से तीन अक्तूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इससमें कहा गया कि वह 73 वर्षीय वृद्ध हैं। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, शुगर के मरीज होने के साथ-साथ पुराने त्वचा रोग ( क्रॉनिक डर्मेटाइटिस ) से पीड़ित हैं। उनकी एक आंख नष्ट हो चुकी है और एक आंख में मोतियाबिंद पक चुका है। इस वजह से उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है। चिन्मयानंद के मुमुक्षु संकुल और उससे जुड़ी पांच शिक्षण संस्थाओं शंकर मुमुक्षु विद्या पीठ, स्वामी धर्मानंद इंटर कॉलेज, स्वामी शुकदेवानंद डिग्री कॉलेज, लॉ कॉलेज, संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। जिसके वह अधिष्ठाता हैं। इसके अतिरिक्त वह मुमुक्षु आश्रम के चीफ मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। चिन्मयानंद ने कोर्ट को यह भी बताया कि वह तीन बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए एक बार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रह चुके हैं। पूर्वोत्तर भारत में हुए बोडो आंदोलन को समाप्त करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। चिन्मयानंद ने कहा कि इससे पहले वह किसी मुकदमे में जेल नहीं गए हैं। क्रॉनिक डर्मेटाइटिस होने की वजह से उन्हें आयुर्वेदिक उपचार कराना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उनको कारागार में सुपीरियर क्लास की सुविधा दी जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को पर्याप्त व विधि सम्मत आधार नहीं पाए जाने पर निरस्त कर दिया।