नेत्र और त्वचा रोगी भी बढ़े
भीषण गर्मी की वजह से तीन सौ बेड अस्पताल में नेत्र व त्वचा रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। शनिवार को 227 मरीजों को देखा गया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय के मुताबिक गर्मियों में तेज धूप और धूल भरी हवा के चलते आंखों में लाली, दर्द, सूजन की समस्या बढ़ती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल के मुताबिक अब खुजली के मरीज बढ़े हैं। इसकी वजह स्वच्छता का अभाव, पसीने से भीगे कपड़े पहने रहना है।
अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज पेट संबंधी रोग और डिहाइड्रेशन के आए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने और गर्मी से पाचन क्रिया प्रभावित होने से हालत ज्यादा खराब हो रही है।
बीते सप्ताह तापमान के उतार-चढ़ाव पर गौर करें अधिकतम पारा 37 से 41 डिग्री तक जा पहुंचा। शनिवार को भी यह 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। 20 अप्रैल की रात पारा 25 डिग्री पहुंचा था, जो बीच में चार डिग्री लुढ़का। अब फिर यह 24.6 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञ अतुल के मुताबिक नमी का स्तर 30 से 50 फीसदी होने से गर्मी का अहसास ज्यादा हो रहा है।
बरतें सावधानी
- ज्यादा देर धूप में न रहें। बाइक चलाते समय हेलमेट लगाएं।
- ताजा भोजन करें। खुला, बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
- पेय पदार्थ में फल का जूस, नींबू पानी, ताजा पानी खूब पीएं।
- ज्यादा तला, मसालेदार भोजन न करें। आरामदायक कपड़े पहनें।
- दोपहर 12 से तीन बजे के बीच धूप में मेहनतकश कार्य से बचें।
- रात में गर्मी लगने पर नहाएं नहीं बल्कि पैरों को पानी में डुबोएं।
- खाली पेट और बगैर पानी साथ लिए घर से बाहर नहीं निकलें।