नकारा सिस्टम सरकारी योजनाओं को तो पलीता लगाता ही है, उसे गरीब बच्चों से भी कोई हमदर्दी नहीं है। सर्दी में बच्चों को स्वेटर बांटने की व्यवस्था ही देख लीजिए.. अफसरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को स्वेटर बांटने के आदेश को ही हवा में उड़ा दिया है। जिले में 3.14 लाख पंजीकृत बच्चों को महरूम रंग का स्वेटर बांटने के लिए बजट मिले 15 दिन हो गए हैं, लेकिन सप्लायरों से ज्यादा कमीशन वसूलने के चक्कर में स्वेटर नहीं खरीदे जा रहे हैं। शीतलहर भी स्वेटर के इंतजार में ही गुजर गई। अब जबकि गर्म कपड़ों का प्रोडक्शन बंद हो चुका है और दुकानदार स्टॉक खत्म करने में लगे, तब 31 जनवरी तक सब बच्चोें को स्वेटर बांटने के दावे किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्राइमरी और जूनियर कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सर्दी में नि:शुल्क स्वेटर वितरण योजना शुरू की थी। शासन से 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से बजट तय किया गया। आधा बजट करीब 3.14 करोड़ जनवरी के पहले सप्ताह में ही शिक्षा विभाग को मिल गया। बाकी आधा बजट स्वेटर बंटने के बाद देने की बात कही गई। 15 दिन यूं ही निकल गए, लेकिन स्वेटर खरीदने की विभाग कोई ठोस योजना नहीं बना सका। जिले भर के परिषदीय स्कूलों में 3.14 लाख बच्चों को स्वेटर बांटे जाने हैं। इन्हें खरीदने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति को दी गई है। बीएसए का दावा है कि स्कूलों को बजट भेज दिया गया है। स्वेटर बांटे भी जा रहे हैं। मगर, इन दावों के विपरीत हकीकत यह है कि नवाबगंज, बहेड़ी, आंवला समेत तमाम ब्लाकों में एबीएसए और शिक्षक इसलिए स्वेटर नहीं खरीद रहे हैं क्योंकि उनको खरीद पर ठीक-ठाक कमीशन नहीं मिल रहा। इसके लिए प्रति बच्चे 100 रुपये के हिसाब से कम बजट मिलने और मार्केट में स्वेटर उपलब्ध न होने का बहाना भी बनाया जा रहा है। मगर, असली खेल स्वेटर खरीद में नीचे से ऊपर तक कमीशन के बंटवारे का है। इसकी वजह से बच्चों की बची-खुची सर्दी भी बिना स्वेटर के ही निकलती जा रही है।
19 करोड़ के कमीशन का खेल
प्रत्येक ब्लाक में चार से पांच सप्लायर स्वेटर का आर्डर लेने के लिए स्कूलों में संपर्क कर रहे हैं। वे प्राइमरी बच्चों के स्वेटर 140 और जूनियर बच्चों के 170 से 180 रुपये में देने को तैयार हैं, मगर शिक्षक प्राइमरी के बच्चों का स्वेटर 110 से 130 और जूनियर के बच्चों का 140 रुपये में मांग रहे हैं। अमर उजाला के पास ऑडियो भी मौजूद हैं, जिनमें शिक्षक और सप्लायर के बीच स्वेटर खरीद में कमीशन की सौदेबाजी की बातचीत रिकार्ड है। इसमें शिक्षक सप्लायर से कम से कम रेट पर स्वेटर आपूर्ति की डिमांड कर रहे हैं। सप्लायर 170-180 रुपये में स्वेटर देना चाहते हैं। प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में स्वेटर खरीद पर औसत कमीशन 70 रुपये प्रति स्वेटर भी मान लें तो यह 1.90 करोड़ के कमीशन का खेल है। इसीके चलते सवा तीन लाख बच्चे बिना स्वेटर के सर्दी काट रहे हैं।
ऑडियो की बातचीत में कमीशन के रेट
प्रधानाध्यापक 20 रुपये
एबीएसए 20 रुपये
प्रधान 20 रुपये
अन्य खर्चे 10 रुपये
स्वेटर आपूर्ति को तैयार नहीं
जूनियर हाईस्कूल एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गंगवार का कहना है कि बड़े बच्चों के स्वेटर के लिए धनराशि कम है। सप्लायर 200 रुपये में स्वेटर देने को तैयार नहीं हैं। कुटेशन और टेंडर प्राप्त नहीं हो रहे हैं।
कोट--
बच्चों को स्वेटर बांटने में देरी के लिए शासन जिम्मेदार है क्योंकि वहीं से 31 जनवरी तक स्वेटर बांटने के निर्देश हैं। यह बात आप शासन से पूछिए। जहां तक कमीशन की बात है, तो जो भी सप्लायर से कमीशन तय कर रहे हैं, उसकी जांच कराकर कार्रवाई होगी। - चंदना राम इकबाल यादव, बीएसए
कोट--
स्वेटर बांटने में अगर कोई एबीएसए या टीचर कमीशन मांग रहा है तो यह बहुत ही खराब बात है। हम इस संबंध में बीएसए और डीएम को निर्देश जारी कर रहे हैं कि उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। - पीवी जगनमोहन, कमिश्नर
अमर उजाला लाइव
फोटो--
प्राइमरी स्कूल शाहगढ़, समय 12:30 बजे
घटिया क्वालिटी के स्वेटर बंटे
प्राथमिक विद्यालय शाहगढ़ (बहेड़ी) में कक्षा एक से पांच तक 158 बच्चे पंजीकृत हैं। शुक्रवार को अपराह्न 12:30 बजे विद्यालय में 50 बच्चे ही मौजूद थे। प्रधानाध्यापक अनीस बानो ने बताया कि इन बच्चों को आज ही स्वेटर बांटे गए हैं। बहुत कम बच्चे स्कूल आते हैं। बाकी बच्चों को स्वेटर बांटने के लिए पैसा कम आया। हालांकि बच्चे जो स्वेटर पहने थे, उसकी क्वालिटी बहुत घटिया थी।
फोटो--
जूनियर हाईस्कूल शाहगढ़, समय 1:30 बजे
बिना स्वेटर के मिले बच्चे
बहेड़ी तहसील के उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहगढ़ में भी आधे बच्चे स्कूल नहीं आए थे। जो बच्चे विद्यालय में मौजूद थे, उनको स्वेटर नहीं बंटे थे। प्रधानाध्यापक नसीम शाह का कहना है कि उन्होंने स्वेटर मंगवाए हैं। आने पर ही बांटे जाएंगे। हालांकि थोड़ी देर में ही स्वेटरों का गट्ठर पहुंच गया। मगर, बच्चों को बंट नहीं पाए। बहुत से बच्चे बिना स्वेटर के ही सर्दी में पढ़ाई कर रहे थे।
फोटो-
प्राइमरी स्कूल विजासिन, समय 2:0 बजे
सर्दी में ठिठुरते मिले बच्चे
नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय विजासिन में बच्चे सर्दी में ठिठुर रहे थे। ज्यादातर बच्चे सर्दी में स्वेटर पहनकर नहीं आए थे। प्रधानाध्यापक सुरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि अब तक स्वेटर बांटने के लिए पैसा ही नहीं आया तो वह कहां से स्वेटर बंटवाएं। वेंडर से कहा कि वह स्वेटर सप्लाई कर दें, पेमेंट बाद में करा दिया जाएगा, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ।