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Bareilly News: ट्रैक्टर-ट्रॉली से सड़क पर गिरा 12 साल का कांवड़िया, पहिये से कुचलकर मौत

Mon, 10 Aug 2026 01:20 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके में रविवार सुबह कांवड़ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पीलीभीत के 12 वर्षीय ललित की ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरकर मौत हो गई। उसके ऊपर से ट्रॉली का पहिया गुजर गया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके में तैयतपुर गांव के पास कमुआ मोड़ पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरकर पहिये के नीचे आने से 12 साल के कांवड़िये की मौत हो गई। पीलीभीत के बीसलपुर थाना क्षेत्र के गांव बसरा निवासी वीरपाल मिश्रा का 12 साल का बेटा ललित भी परिवार व पड़ोसियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से गंगाजल लेने गया था। रविवार सुबह पौने आठ बजे वह ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गाना बजने पर खड़ा होकर देखने लगा। 

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इसी दौरान वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया और ट्रॉली का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। ललित को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि परिवार की लिखित मांग पर शव उन्हें सौंप दिया गया। बीसलपुर पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई है। शव को गांव ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजाम किया गया। साथ ही, इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश सिंह को भी मृतक के परिवार के साथ गांव भेजा गया।

काश, रास्ते से न लिया होता बेटे को
वीरपाल को इसका बेहद मलाल है कि काश, कांवड़ यात्रा से लौटते वक्त बेटे चिराग को अपने साथ न लिया होता तो उसकी जान बच जाती। वीरपाल बताते हैंं कि उनका पुत्र चिराग जयंती देवी संस्कृत विद्यालय चौबारी में पढ़ता था। उसे कांवड़ लेने जाने के लिए पहले ही बता दिया था। ऐसे में जब वह अपने काफिले के साथ गुजरे तो विद्यालय के गेट पर उनका पुत्र अपने अन्य साथियों के साथ इंतजार करता मिला। चिराग ने अपने साथियों के साथ कांवड़ यात्रा का स्वागत किया।
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कांवड़ यात्रा जाते समय चिराग की आंखों में आंसू देख वह समझ गए कि वह घर आना चाहता है। इसी कारण उसे अपने साथ ले लिया। सोचा था कि अगले दिन रविवार का अवकाश है। उनका बच्चा रविवार को परिवार के साथ रह लेगा। चिराग ने चलते समय अपने शिक्षकों और साथियों से यह भी कहा था कि सोमवार को वह जल्दी विद्यालय आ जाएगा। वीरपाल को क्या पता था कि हादसे में बेटे को खो देंगे। मां सोनी मिश्रा चिराग के कपड़ों को सीने से लगाकर बिलखती रहीं। वीरपाल के दो बेटे थे। चिराग बड़ा था। 

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