फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhath Puja 2023: बरेली में बिखरी महापर्व छठ की छटा, खरना आज, कल डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य

Sat, 18 Nov 2023 06:12 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

लोक आस्था के महापर्व छठ की छट बरेली में भी बिखरी है। शहर में कई महिलाएं छठ पूजा कर रही हैं। शुक्रवार को नहाय खाय के साथ व्रत की शुरुआत की। शनिवार को खरना है। 
विज्ञापन
Chhath Puja 2023 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सूर्योपासना का महापर्व छठ शुक्रवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। सुबह महिलाओं ने घर की सफाई के बाद स्नान किया। इसके बाद चने की दाल, लौकी की सब्जी और चावल खाकर व्रत की शुरुआत की। सुनि ल अरजिया हमार, हे छठी मइया... आदि छठ गीत दिनभर गूंजते रहे। शनिवार को खरना है। इस दिन शाम को गुड़ और चावल की खीर बनाकर उसका भोग लगाया जाएगा।

विज्ञापन


शुक्रवार को बाजारों में लौकी और चने की दाल की खूब बिक्री हुई। शनिवार को दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को गुड़ की खीर व फल खाएंगी। रविवार को निर्जला व्रत रखकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी और सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर संतान और परिवार के लिए मंगल की कामना करेंगी। छठ पूजा के लिए विश्वविद्यालय परिसर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, इज्जतनगर, रामगंगा तट, तपेश्वरनाथ मंदिर आदि स्थानों पर सजावट का काम जारी रहा।

मंदिर का इतिहास
रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री शिव-शक्ति पीठ मंदिर की देखरेख कर रहे देवेंद्र राम ने बताया कि वर्ष 2001 में बिहारीपुर निवासी पंडित विश्वनाथ शास्त्री के नेतृत्व में मंदिर की स्थापना की गई थी। इससे पहले सभी लोग परिसर में गड्ढा बनाकर छठ पूजा किया करते थे। 

विज्ञापन
Trending Videos

धीरे-धीरे छठ व्रत रखने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ने लगी तो सभी के सहयोग से सरोवर को पक्का कराया गया। इसके बाद मंदिर का निर्माण कराया गया। यहां पर ग्रीनपार्क, सनराइज कॉलोनी, जजेज कॉलोनी, शिव गार्डन, आनंद विहार के साथ ही आसपास के क्षेत्र के लोग आते हैं। इज्जतनगर से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए यहां आते हैं।
विज्ञापन

लोक आस्था का पर्व है छठ
रिंकी वर्मा ने बताया कि छठ लोक आस्था का पर्व है। यह जीवन के साक्षात स्रोत के रूप में विराजमान सूर्य देव की उपासना का पर्व है। इसमें सभी के लिए मंगलकामना की जाती है। 

कंचन तिवारी ने कहा कि छठ पर्व का पूरे साल इंतजार रहता है। परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग इसके लिए इकट्ठे होते हैं। वर्षों से हम सभी इस व्रत को रखते आ रहे हैं। 

गुड़िया चौबे ने कहा कि महिलाएं सरोवर के पास एकत्र होती हैं। इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। लोग आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे का हालचाल भी लेते हैं। 

छठ पूजा व्यवस्थापक देवेंद्र राम ने कहा कि कई दिनों से तैयारी की जा रही है। रंगाई-पुताई भी की गई है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें