छठ पूजा के लिए कुछ मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। यूनिवर्सिटी की कर्मचारी कॉलोनी और इज्जतनगर में कृत्रिम घाट बनाकर उनकी साफ-सफाई और रंगाई-पुताई की जा रही है। धोपा मंदिर कैंट स्थित सरोवर में भी लोगों की भीड़ जुटेगी। मुख्य पर्व 26 अक्तूबर की शाम को अस्त होते सूर्य की पूजा कर मनाया जाएगा। महिलाएं परिवार सहित आकर पानी में खड़े होकर सूर्य देव की पूजा करेंगी और फिर अर्घ्य देंगी।
इज्जतनगर के शंकर-पार्वती मंदिर में बना घाट
इज्जतनगर स्थित शंकर पार्वती मंदिर में छठ पूजा के लिए खासी भीड़ जुटती है। यहां बने कृत्रिम घाट की धुलाई सफाई हो चुकी है। छठ मैया के रूप में बनीं आकृतियों का साफ कर दिया गया है। अर्घ्य देने के बाद इन्हीं पर फल, पकवान और व्यंजन आदि चढ़ाए जाते हैं। मंदिर के पुजारी और सेवादार पंडित विजय महाराज ने बताया कि घाट तैयार हो चुका है। अब उसमें पानी भरा जाएगा। 26 अक्तूबर को दोपहर दो बजे से लोग आने लगेंगे। घाट पर आगे का स्थान घेरने के लिए लोग पहले से आ जाते हैं।
यूनिवर्सिटी कैंपस में भी होगी छठ पूजा
यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित श्री शिवशक्ति पीठ मंदिर परिसर में भी कृत्रिम घाट बनाया गया है। यहां घाट की रंगाई पुताई भी हो चुकी है। यहां पुजारी राकेश पांडे ने बताया कि मंदिर में सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। घाट की रंगाई-पुताई कर दी गई है। अब पानी भरा जाएगा। यहां यूनिवर्सिटी में रहने वाले पूर्वांचल के परिवारों के अलावा आसपास के लोग भी छठ पूजा करने आते हैं। इससे मेले जैसा दृश्य हो जाता है। यहां साफ-सफाई कर रहे देवेंद्र राम ने बताया पिछले साल यहां करीब 63 परिवार थे। इस बार संख्या और बढ़ जाएंगी।
कैंट के धोपा मंदिर में भी लगेगा मेला
कैंट स्थित धोपेश्वर नाथ मंदिर में भी दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां वैसे तो सफाई है, मगर त्योहार को लेकर अभी कुछ नहीं किया गया है। श्री धोपेश्वर नाथ मंदिर व्यवस्था समिति के सतीश मेहता ने बताया मुख्य पर्व 26 को है। मंगलवार को व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। सरोवर में अगर पानी कम होगा, तो ट्यूबवेल चलाकर पानी भरवा दिया जाएगा। पूजा करने आने वाले लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
घरों में भी बना लिए पोखर
ज्योति एन्क्लेव में रहने वाली किरन ने बताया कि उनके घर के आसपास पूर्वांचल का कोई और परिवार नहीं है। लिहाजा वह घर में ही कृत्रिम घाट बना लेती हैं। रेलवे की ऑफीसर्स कॉलोनी में भी कई अफसर अपने क्वार्टर में ही घाट बनाकर पूजन करते हैं। एयरफोर्स के आसपास के लोग शिव मंदिर के अलावा कुंवर रंजीत सिंह स्कूल के पीछे गिरधरियापुर गांव के पास देवरनियां नदी के घाट पर पूजन करते हैं। भोजपुरी सभा के उपाध्यक्ष संजय पांडे का कहना है कि यहां 1500 से अधिक लोग जुटते हैं। घाट तक पहुंचने का रास्ता ठीक नहीं है लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता।