लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। रविवार को शहर में लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें राजकीय इंटर कॉलेज में नालंदा बिहार का रहने वाला राजीव कुमार नाम का सॉल्वर पकड़ा गया है। वह रामपुर के अभ्यर्थी रिंकू के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। ये कार्रवाई एसटीएफ ने की है। अभी कुछ अन्य केंद्रों पर भी सॉल्वर होने की सूचना है। एसटीएफ की टीम उनकी तलाश में अन्य केंद्रों पर जांच कर रही है।
मुरादाबाद में एसडीएम इंटर कालेज में सॉल्वर पकड़ा
लेखपाल भर्ती परीक्षा में भी सॉल्वर गैंग ने सेंध लगा दी। एसटीएफ मेरठ यूनिट की टीम ने मुरादाबाद के दो परीक्षा केंद्रों से चार सॉल्वर पकड़े गए हैं। सॉल्वर पैसे लेकर अभ्यर्थियों के स्थानों पर परीक्षा में बैठे थे। एसटीएफ की टीम सभी से पूछताछ कर अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जानकारी के मुताबिक, एफटीएफ की बरेली और मेरठ की यूनिट की टीमें कई दिन से सॉल्वरों और अभ्यर्थियों के बीच चल रही फोन कॉल को ट्रेस कर रही थी। इसके बाद से टीमों ने सॉल्वर को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया था। मेरठ एसटीएफ की टीम ने मुरादाबाद में एक दिन पहले ही डेरा डाल लिया था। टीम को सूचना मिली थी कि सॉल्वर मझोला के लाइन पार स्थित स्वरुपी देवी मेमोरियल इंटर कालेज (एसडीएम इंटर कालेज) और सिविल लाइंस में पीएमएस स्कूल में बैठेंगे।
टीम ने परीक्षा खत्म होने से पहले ही एसडीएम इंटर कालेज से मोहित और पीएमएस स्कूल से नीरज, रविंद्र और दूसरे नीरज को पकड़ लिया। मोहित, नीरज और रविंद्र हरियाणा के सोनीपत निवासी हैं, जबकि दूसरा नीरज बागपत के बड़ौत के सरोडा निवासी है। एसटीएफ टीम में शामिल रहे सदस्यों के मुताबिक, पकड़े गए मोहित ने पूछताछ में बताया कि वह बागपत के तिंवारा निवासी संदीप की जगह परीक्षा दे रहा था। तीन माह पहले दस हजार रुपये में परीक्षा में बैठने के लिए सौदा तय हुआ था। संदीप ने एडवांस में पांच हजार रुपये दिए थे। फर्म भरते समय फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। इसी आधार पर फार्म में भी गलत फोटो लगाया गया था। पुलिस अधीक्षक नगर अखिलेश भदौरिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है।