बरेली। शक्ति भवन, लखनऊ के सेक्शन इंजीनियर पंकज केसरवानी के खिलाफ थाना सुभाषनगर में धोखाधड़ी करके रुपये हड़पने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उसने तीन युवकों की बिजली विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी की।
यह रिपोर्ट सुभाषनगर में तिवारी मंदिर के पास रहने वाले इलेक्ट्रीशियन ओमकार कश्यप ने दर्ज कराई है। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में पंकज केसरवानी से धोपा मंदिर में घूमने के दौरान उनकी मुलाकात हुई। उस समय लॉकडाउन था और वह घूमने जाते थे। वहीं पंकज से जान पहचान हुई और उसने खुद को शक्ति भवन, लखनऊ में सेक्शन इंजीनियर बताया। कहा कि उनके बच्चों की चपरासी की सरकारी नौकरी लगवा देंगे, प्रत्यक के लिए चार लाख रुपये खर्च आएगा। उन्होंने यह बात अपने रिश्तेदार कुंवरसेन को बताई। बच्चों भविष्य की खातिर उनके साथ ही कुंवरसेन भी तैयार हो गए। फिर उन्होंने अपने बेटे विशाल, नेहान और कुंवरसेन के बेटे अनुज के लिए नौकरी की बात की गई।
किश्तों में दिए रुपये, घर आकर दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
ओमकार के मुताबिक, उन्होंने और कुंवरसेन ने किश्तों में सवा सात लाख रुपये पंकज केसरवानी को दे दिए। फिर 23 अगस्त 2020 को पंकज केसरवानी तीनों बच्चों के नियुक्तिपत्र लेकर उनके घर आया और बकाया रुपये भी ले लिए। कुल 12 लाख रुपये उसे दिए गए, जिसके बाद नियुक्तिपत्र मिले और उन लोगों के पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। नियुक्ति पत्र मिलने के भी लंबे समय बाद भी तीनों को तैनाती नहीं मिली तो उन लोगों ने जांच पड़ताल शुरू की। इसमें सामने आया कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं।
चेक भी निकले फर्जी
पंकज केसरवानी से संपर्क किया तो उसने रुपये वापस करने का झांसा दिया और उन लोगों को 12 लाख रुपये के छह चेक दे दिए। जब वे चेक बैंक में लगाए तो फर्जी निकले। रुपये वापसी का दबाव बनाया तो अधिकारी होने की बात कहकर धमकाने लगा। सुभाषनगर पुलिस से शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एसएसपी से शिकायत की तो उनके आदेश पर थाना सुभाषनगर में रिपोर्ट दर्ज की गई है।