एईएफआई शून्य, रोग के प्रति सुरक्षा की दिखी चमक
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीनवेशन यानी सर्वाइकल कैंसर एचपीपी टीकाकरण के दौरान एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) केस की आशंका के चलते डॉक्टरों भी मौजूद रहे। लेकिन किसी भी किशोरी में लक्षण नहीं उभरे। डॉ. प्रशांत के मुताबिक टीका लगने के बाद कुछ घंटे बाद हल्का बुखार, सिरदर्द, मतली आए तो पैरासिटामॉल की एक टैबलेट खा लें। पर्याप्त मात्रा में पानी, जूस पीएं, इंजेक्शन की जगह पर दर्द, सूजन, लालिमा होने पर बर्फ से सिकाई के लिए कहा गया है।
बुधवार से कोल्ड चेन वाले 27 केंद्रों पर लगेगा टीका
मंगलवार को टीकाकारण की शुरुआत महिला अस्पताल में की गई। स्थिति सामान्य मिलने के बाद अब बुधवार से महिला चिकित्सालय समेत 27 कोल्ड चेन प्वॉइंट पर टीकाकरण होगा। इसमें दो निजी मेडिकल कॉलेज, आठ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी), 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टीका लगेगा। तीन माह तक सप्ताह के सभी कार्य दिवसों में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक टीकाकरण होगा। फिर जुलाई से नियमित टीकाकरण की तर्ज पर बुधवार और शनिवार को होगा।
टीका जरूर लगवाएं
रिया कुमारी ने बताया कि सुई का दर्द मामूली है, पर कैंसर की तकलीफ वर्षों तक रहती है। इसलिए टीका लगवाने में कोई हिचक नहीं थी। पूनम ने कहा कि सवाईकल कैंसर से बचाव के लिए निशुल्क टीकाकरण की जानकारी मिली तो परिवार के साथ केंद्र पहुंचे। टीका लगा।
उन्नति पाठक ने कहा कि बचपन में टीके लगे जिसकी तकलीफ याद नहीं। पर रोगों से सुरक्षित होने का अहसास है। टीका जरूर लगवाएं। अनुष्का सक्सेना ने कहा कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इसे लगवाने में हिचक, संकोच, घबराहट न रखें। मैंने वैक्सीन लगवा ली और सुरक्षित हूं।