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सेंट्रल गुरु पुरब कमेटी विवाद

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चुनाव के बाद नए पदाधिकारियों को सरोपा भेंट किया गया।
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बरेली। सिख समाज के मुख्य संगठन सेंट्रल गुरु पुरब कमेटी को लेकर विवाद आखिरकार श्री अकाल तख्त साहिब के हस्तक्षेप के बाद निपट गया। कमेटी की दो गुटों ने अलग-अलग कार्यकारिणी बना ली थीं जिन्हें अमृतसर से आए श्री अकाल तख्त के सिंह साहिबान ने भंग कराकर दोनों पक्षों की सहमति से तीसरी नई कमेटी बनवा दी।
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नई बनी 11 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी में बरेली के सभी गुरुद्वारों के प्रधानों को शामिल किया गया है। इसमें कुलदीप सिंह पन्नू को मुख्य सेवादार और महेंद्र सिंह को महासचिव नामित किया गया। इसके अलावा परमजीत सिंह दुआ को खजांची की जिम्मेदारी दी गई। गुरबचन सिंह, रविंदर पाल सिंह कालरा, हरवंत पाल सिंह बेदी, कंवलजीत सिंह, विजेंद्र पाल सिंह, सुखवंत सिंह, साहिब सिंह, करतार सिंह को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। विवाद हल होने के बाद श्री अकाल तख्त के मानयोग सिंह साहिब मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह ने सभी चुने गए पदाधिकारियों को सिरोपा की बख्शीश दी।
बता दें कि पुरानी कमेटी का कार्यकाल पूरा होने के बाद दो सितंबर को चुनाव हुआ था। इसमें मालिक सिंह कालरा की अध्यक्षता वाली कमेटी बनी। इस कमेटी से असंतुष्ट लोगों ने तीन दिन बाद पांच सितंबर को दूसरी कमेटी बना ली जिसका अध्यक्ष परमजीत सिंह ओबेराय को बनाया गया। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। श्री गुरु नानक देव जयंती के कार्यक्रम के आयोजन के वक्त यह विवाद और ज्यादा तूल पकड़ गया। इस कार्यक्रम के लिए दोनों ही कमेटियों ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी। एक कमेटी को अनुमति भी मिल गई थी। इसी बीच यह मामला श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचा। दोनों पक्षों को वहां बुलाया गया, मगर बातचीत में विवाद का हल नहीं निकल सका था।
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कमेटी के विवाद को हल करने के लिए अमृतसर के पांच सिंह साहिबान बुधवार रात बरेली आए। इसमें श्री अकाल तख्त साहिब के मानयोग सिंह साहिब मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह की अगुवाई में गुरुद्वारा बेर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी सुरजीत सिंह, श्री अकाल तख्त के पंज प्यारे भाई मंगल सिंह, तख्त श्री दमदमा सिंह साहिब के पंज प्यारे भाई अजीत सिंह, धर्म प्रचार कमेटी अमृतसर साहिब के प्रभारी भाई अजीत सिंह शामिल थे। बृहस्पतिवार को पूरे दिन जद्दोजहद के बाद विकल्प के तौर पर नई कमेटी बनाकर दोनों पुरानी कमेटियों को भंग कर दिया गया। संगत की सहमति से पदाधिकारी भी घोषित किए।
बात बनते-बनते कई बार बिगड़ी
इससे पहले संजयनगर गुरुद्वारा में सुबह हुई संगत सभा में तमाम प्रयासों के बाद भी विवाद का हल नहीं हुआ। सिंह साहिबान को शाम को फिर सभा बुलानी पड़ी। इसमें भी काफी जद्दोजहद के बावजूद कोई हल नहीं निकल पाया।। इस तरह के भी प्रयास भी हुए कि दोनों कमेटियों के पांच पांच लोगों को मिलाकर एक कमेटी बना दी जाए मगर इस पर भी सहमति नहीं बनी। सवाल उठा कि प्रधान कौन होगा। इसी पर मामला बनते-बनते फिर बिगड़ गया। तब सिंह साहिबान ने दोनों कमेटियों को भंग कर शहर के सभी गुरुद्वारों के मुख्य सेवादारों को एकत्र किया और तीसरी कमेटी बनाकर विवाद को निपटा दिया। इस मौके पर अखंड कीर्तन जत्था, सिख सेवक जत्था, सिख समाज सेवा सोसाइटी, सिख मिशनरी कॉलेज, गुरुवाणी सेवा सोसाइटी सहित संस्थाओं के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
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