बरेली में इस बार मुहर्रम पर पुलिसकर्मियों से लेकर उनके वाहन भी कैमरों से लैस रहे। पुलिसकर्मियों की लाठियों पर भी कैमरे लगाए गए। इसका असर यह रहा कि कहीं से सांप्रदायिक विवाद की सूचना नहीं आई।
बरेली में पुलिस ने इस बार मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक नया प्रयोग किया। पुलिस ने जुलूसों की निगरानी के लिए वाई-फाई वाले सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया। यह सीसीटीवी कैमरे पुलिस के वाहनों और लाठियां में लगाए गए। इसका असर यह रहा कि कहीं से सांप्रदायिक विवाद की सूचना नहीं आई।
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एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सभी थानों को वाई-फाई से लैस पांच-पांच विशेष कैमरे दिए गए थे। मुख्यालय से मुहैया कराए गए इन कैमरों को सभी बड़े जुलूसों या उन स्थानों पर इस्तेमाल किया गया, जहां सांप्रदायिक विवाद की आशंका बनी रहती है। ऐसे कैमरे ऊंची लाठियों पर बांधकर पुलिसकर्मियों को दिए गए। थानों की गाड़ी पर भी कैमरे लगाए गए थे। कैमरों से लैस लाठियां लेकर पुलिसकर्मी जुलूस के साथ चले।
यह रही सुरक्षा व्यवस्था
मुहर्रम पर पुलिस-पीएस की कड़ी निगरानी में जिलेभर में 883 जुलूस निकाले गए थे। सुरक्षा के लिहाज से 18 क्विक रिस्पांस टीमें गठित की गईं। 94 पीआरवी भी सक्रिय रहीं। इसके अलावा 530 दरोगा, 760 हेड कांस्टेबल, 1500 आरक्षी, 200 होमगार्ड व तीन कंपनी पीएसी को लगाया गया। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से लैस आठ टीमें तैनात रहीं। सर्वाधिक 94 जुलूस नवाबगंज क्षेत्र में निकाले गए। जबकि सबसे कम चार जुलूस कोतवाली क्षेत्र में निकले।