फरीदपुर। आत्महत्या करने वाले रंजीत के परिजनों पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव को थाने के गेट पर रखकर प्रदर्शन किया था। पुलिस का आरोप है कि इस प्रकार का प्रदर्शन अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया, जिसपर कार्रवाई की गई है।
पुलिस के मुताबिक, बीसलपुर रोड निवासी रामकुमार ने 28 अगस्त को बेटे रंजीत की आत्महत्या की सूचना दी थी। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया था। इसके बाद परिजनों और सहयोगियों ने शव को फरीदपुर थाने के मुख्य गेट पर रख दिया। इससे सड़क पर आवागमन बाधित हुआ। राहगीरों को परेशानी हुई। कस्बा चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक जसवीर सिंह की तहरीर पर इस प्रकार का प्रदर्शन कर अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया कि रंजीत के परिजन ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराए बिना थाना गेट पर अनुचित तरीके से शव रखकर प्रदर्शन करने पर रामकुमार के अलावा शाहजहांपुर के रमेश और बरेली के केसरी लाल को नामजद किया गया है। अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
कार्रवाई के बजाय आवाज दबाने की कवायद - पिता रामकुमार ने बताया कि बेटे को खोने के बदले इन्साफ के बजाय दर्द मिला। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के स्थान पर पुलिस ने शव रखकर न्याय की गुहार लगाने गए लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी।