बाजार से ज्यादा लोग संस्थान पर कर रहे विश्वास
बरेली। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान ने बढ़ती मांग के बीच अंडा और चिकन की कीमतें बढ़ा दी हैं। सिर्फ बटेर का चिकन 25 प्रतिशत सस्ता, लेकिन बटेर का अंडा 70 प्रतिशत महंगा हो गया है।
लॉकडाउन में ज्यादातर लोगों ने मुर्गा और उसके अंडों का इस्तेमाल कम कर दिया है। अब लोगों का झुकाव सीएआरआई उत्पादों पर ज्यादा हो रहा है। लॉकडाउन में सीएआरआई बंद था, लेकिन पिछले दिनों केंद्रीय कार्यालय में काम शुरू हुआ तो उत्पादों की मांग भी बढ़ गई है। बढ़ती मांग के बीच सीएआरआई ने मुर्गी का अंडा पर बीस रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया है। एक किलो में करीब बीस अंडे आते हैं। वहीं बाजार में अंडा प्रतिक्रेट (30 पीस) 100 रुपये बिक रहा है। वहीं चिकन (बड़ा साइज) 120 से 140 और चिकन (छोटा साइज) 140 से 160 रुपये किया गया है। बटेर का मीट 600 रुपये से घटकर 450 रुपये प्रतिकिलो और उसका अंडा तीस पैसे से बढ़कर पचास पैसे प्रति अंडा हो गया है। यानी बटेर के अंडे पर करीब 70 प्रतिशत तक मूल्य वृद्धि हुई है। कार्यकारी निदेशक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि लोग संस्थान के उत्पादों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। मांग और उत्पादन के अनुरूप दाम संशोधित होते रहते हैं।