अधिकारियों ने बताया कि पहले किसानों के लिए पौधे लगाना और उन्हें बचाए रखना अतिरिक्त जिम्मेदारी मानी जाती थी। इस योजना से यह धारणा बदल जाएगी। किसान जितने अधिक पौधों को संरक्षित रखेंगे, उनका पर्यावरणीय महत्व उतना ही बढ़ेगा। इससे उन्हें तय प्रक्रिया के तहत आर्थिक लाभ भी मिल सकेगा।
डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि जिले में 239 किसान कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना से जुड़कर एक लाख 77 हजार से अधिक पौधों का संरक्षण कर रहे हैं। शासन स्तर से आई तकनीकी टीम ने भी इन पौधों का मूल्यांकन पूर्व में किया है। इस प्रयास से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही किसानों को आर्थिक समृद्धि भी मिलेगी।
डेढ़ लाख से अधिक पौधों की कार्बन बैंकिंग
इस योजना में 239 किसानों द्वारा संरक्षित किए जा रहे करीब 1,77,752 पौधे आधार हैं। इन पौधों द्वारा वातावरण से अवशोषित किए जाने वाले कार्बन का आकलन किया जाएगा। निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद कार्बन क्रेडिट तैयार होंगे।
इसके बाद किसानों को इन क्रेडिट के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। कार्बन क्रेडिट पर्यावरण के लिए किए गए ऐसे काम का प्रमाण है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने या कार्बन सोखने में मदद मिलती है।