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कैंट अध्यक्ष के तेवर देख सदस्यों ने साधी चुप्पी, ध्वस्त होगा बंगला नंबर 58

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बरेली। 80 वर्ष पुराना कैंट बोर्ड का बंगला नंबर 58 ध्वस्त करने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। लंबे समय से चल रहे प्रकरण पर बुधवार को बुलाई गई विशेष बैठक में सदस्यों ने पूर्व में भवन का एक हिस्सा कब्जे में लेने और अब वर्तमान निवासी का पक्ष लिया तो कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह ने नाराजगी जताते हुए जमकर फटकारा। उन्होंने प्रकरण पर विधिक राय के बाद कार्रवाई का निर्णय करने को कहा है।
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बुधवार को बंगला नंबर 58 पर निर्णय के लिए बुलाई गई कैंट बोर्ड बैठक घंटे भर देरी से शुरू हुई। बैठक में सदस्यों ने आभा सिंह का पक्ष रखते हुए तमाम दलीलें प्रस्तुत कीं। कहा- खरीदारी के समय इसे कोर्ट, कैंट बोर्ड या डीईओ किसी ने भी अवैध नहीं माना। बंगले का नक्शा भी कैंट बोर्ड के पास नहीं है तो उसका कोई भाग अवैध कैसे हो सकता है? उन्होंने मामला कोर्ट में होने के बावजूद आभा सिंह को परेशान करने पर आपत्ति जताई और कोर्ट में मामला विचाराधीन बताकर कार्रवाई का डर भी दिखाया। इस पर कैंट बोर्ड अध्यक्ष ने सदस्यों से अलग-अलग राय मांगी तो सदस्यों की तरफदारी की पोल खुलने लगी। उपाध्यक्ष शिखा नायर और सदस्य मीता सती जवाब ही नहीं दे सकीं। इस पर बिग्रेडियर इंद्रजीत सिंह ने बंगले के ‘खेल’ को लेकर नाराजगी जताई तो तमाम सदस्य निरुत्तर हो गए। इसके बाद कुछ सदस्यों ने तो फौरन ही प्रस्ताव पर असहमति भी जता दी। अध्यक्ष ने विधिक राय लेकर भवन खाली न करने पर ध्वस्तीकरण कराने को कहा।

बंगला नंबर 58 पर चस्पा है वैधानिक चेतावनी
बंगला में रह रहीं आभा सिंह ने करीब दर्जन भर से अधिक वैधानिक चेतावनी गेट व दीवारों पर चस्पा कर रखी हैं। इस पर लिखा है कि बंगला नंबर 58 का एक भाग उन्होंने क्रय किया है। वर्ष 2014 से कैंट बोर्ड के खिलाफ कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस स्थिति में बंगले के खिलाफ कार्रवाई न्यायालय की गरिमा के खिलाफ है। करीब डेढ़ माह पूर्व आभा सिंह ने थाना कैंट में बंगला के संबंधित भूभाग के विक्रेता दलविंदर कौर, विक्रमजीत सिंह, वीएस संधू के खिलाफ मुकदमा भी कराया है।
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कीमत करोड़ों में, पांच लाख पर सहमति नहीं
आभा सिंह के मुताबिक उनके पति स्व. कर्नल जेवी सिंह ने बंगला नंबर 58 का एक भाग वर्ष 2007 में खरीदा था। इसके लिए उन्हें करीब 27 लाख रुपए देने पड़े थे, लेकिन बैनामा में महज 5 लाख रुपए ही दर्शाए गए। अब उनसे पांच लाख रुपये लेकर बंगला खाली करने को कहा जा रहा है तो वह कैसे कर दें। अब तो इस बंगले की कीमत ही करोड़ों रुपये है।
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