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Bareilly News: कैंसर से जूझते मरीजों को आयुष्मान से मिला अभयदान

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बरेली। कैंसर... आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह से पीड़ा देता है। तमाम मरीज इलाज के खर्च से घबराकर जीने की आस छोड़ देते हैं। इस विषम परिस्थिति में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने उनकी जीवन की डोर थामी। खर्च सिमटने और बेहतर इलाज से जीवन की आस जगी।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बरेली में पांच साल में 5,14,610 मरीजों का कैशलेस इलाज हुआ। इसके सापेक्ष करीब 90 फीसदी भुगतान किया गया है। योजना के तहत प्रतिवर्ष लाभार्थी परिवार का पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होता है। इसमें अलग-अलग रोग और सर्जरी का खर्च अलग-अलग निर्धारित है। इसमें कैंसर, हार्ट सर्जरी, किडनी, न्यूरो सर्जरी, हड्डियों के रोग, मोतियाबिंद, प्रसव समेत करीब 15 सौ से ज्यादा रोग शामिल हैं। कैशलेस इलाज की निगरानी की व्यवस्था भी है।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज में बरेली प्रदेश में अव्वल है। आयुष्मान पैनल से संबद्ध निजी अस्पताल अगर मरीजों से इलाज के बदले रुपये वसूलते हैं तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई होती है।
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जिला समन्वयक डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक, वर्ष 2025 तक आयुष्मान योजना की पात्रता सूची में 4,45,214 परिवार और 20,46,706 लाभार्थी शामिल हैं। 1,14,055 लोगों के कार्ड बने हैं। इसके लिए शिविर भी लगाए जा रहे हैं। कोटेदार, पंचायत सचिव का सहयोग लिया जा रहा है। पात्रता सूची में दर्ज जो लोग योजना से नहीं जुड़े हैं, उनसे आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील की है।
सीबीगंज निवासी 40 वर्षीय रिजवाना को पांच वर्ष पूर्व बोन कैंसर हुआ था। निजी मेडिकल कॉलेज में दो वर्ष के इलाज चला। इसमें बचत खप गई, उधारी भी चढ़ गई। वर्ष 2023 में आयुष्मान कार्ड बनने के बाद यह बोझ खत्म हो गया। रिजवाना ने बताया कि पति मजदूरी करते हैं। बमुश्किल पांच हजार रुपये मासिक आय है। आयुष्मान कार्ड न होता तो इलाज नहीं हो पाता।

दुर्गानगर निवासी 60 वर्षीय आशा को साल भर पहले हॉजकिन लिंफोमा कैंसर का पता चला। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने आयुष्मान कार्ड से इलाज की बात बताई तो आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनी। करीब सालभर इलाज चला। आयुष्मान योजना से जांच, दवा, इलाज, थेरेपी आदि के खर्च से निजात मिली। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है।
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- 247 चिकित्सालय योजना से संबद्ध। इसमें 60 सरकारी और 187 निजी अस्पताल।
- 5,14,610 मरीजों का आयुष्मान से पांच साल में हुआ इलाज, 90 फीसदी भुगतान।
- 4,45,214 परिवार के 20,46,706 लोगों में से 11,40,555 लोगों बने हैं लाभार्थी।
- 9,06,151 पात्र लोग योजना से वंचित, विशेष अभियान में 20 हजार नए कार्ड बने।
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