पार्षद छंगामल मौर्य ने कहा कि हमने महापौर के सामने इस बात को रखा था कि स्वकर और आपत्तियों को बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। यह तो कोई कभी भी कर सकता है। इस पर महापौर ने कहा था कि 31 दिसंबर इस वर्ष की आखिरी तिथि है, आपत्ति जमा करने की नहीं।
पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल राहत दी है, तो उसका स्वागत है। अगर अभी भी कर विभाग नहीं जागा तो अब की बार घेराव नहीं सीधा आंदोलन होगा। पीड़ितों के साथ व्यापारी और पूरा शहर कर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेगा।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के प्रदीप कुमार ने बताया कि वार्ड वार शिविर आयोजन के लिए जोन कार्यालयों को पत्र भेज दिया गया है। वहां से सूची आते ही रोस्टर तैयार कर दिया जाएगा।