तमाम अफसरों ने उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार लिखी कारोें पर लाल और नीली बत्तियां लगा ली हैं। ज्यादातर कारें प्राइवेट और टैक्सी हैं। कुछ अफसरों ने पीली काली नंबर प्लेट वाले वाहनों पर ही नीली बत्ती लगा रखी है।
लाल और नीली बत्तियां लगी कारों हूटर बजाते कहीं भी नजर आ सकती हैं। कुछ ने रौब जमाने के लिए अवैध बत्तियां लगा रखी हैं। ज्यादातर बत्तियां लगी गाड़ियां प्राइवेट और टैक्सी में पंजीकृत हैं। कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदार के नाम पर बत्तियां लगा ली हैं। शहर में दौ सौ से ज्यादा कारों पर अवैध बत्तियां लगी हुई हैं। जो चौराहा और सड़क पर दौड़ती मिल जाएंगी।
टैक्सी पर नीली बत्ती
जिला आबकारी अधिकारी टैक्सी में पंजीकृत बुलेरो में चलते हैं। यूपी 35 क्यू 2910 पीली काली नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा देखा जा सकता है। परिवहन निगम में नीली बत्ती लगी कारें (टैक्सी) ज्यादा बतायी जाती हैं। निगम में संचालित लग्जरी वाहन यूपी 93 एटी 5778 नंबर प्लेट पर भी उत्तर प्रदेश सरकार लिखा है। टैक्सी में पंजीकृत इस वाहन पर नंबर प्लेट प्राइवेट लगी है। दोनों वाहन अन्य जिलों में पंजीकृत हैं। लाल बत्ती लगाकर भारत सरकार वित्त मंत्रालय लिखे वाहन बैंक आदि से संबंधित हैं।
‘टैक्सी में पंजीकृत वाहनों पर लाल अथवा नीली बत्ती लगाना पूरी तरह अवैध है। प्राइवेट और निजी कारों पर बत्ती नहीं लगायी जाती है। संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध वाहनों पर बत्तियां नियमानुसार लगायी जा सकती हैं।’
- आरआर सोनी, आरटीओ
पंजीकृत निजी कारें 38324
जीप 3648
ठेका/ टैक्सी परमिट 1689
आल इंडिया परमिट 547