मार्केट पर चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन ने बताया कि आरिफ ने जगतपुर में दो मंजिला मार्केट और पीलीभीत बाईपास पर बने कपड़ों के शोरूम का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए कराया था। पूरे परिसर में जिम, होमडेकोर सेंटर और कई दुकानों का संचालन चल रहा था। जांच में निर्माण अवैध पाए जाने के बाद बीडीए ने पहले 11 अक्तूबर को दोनों परिसरों को सील किया था।
यह भी पढ़ें- Bareilly News: जिम मालिक और ट्रेनर के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज, विवाहिता के भाई पर भी किया था हमला
शनिवार को बीडीए ने 15 दुकानों और दो बड़े शोरूम पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। टीम ने परिसर के पिछले हिस्से से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की और जेसीबी की एक के बाद एक चोट से दीवारें गिरनी शुरू हो गईं। फिलहाल मौके पर भारी फोर्स और बीडीए की टीम ध्वस्तीकरण करवा रही है, आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा है।
मौके पर पुलिस बल तैनात
आरिफ ने 30-30 लाख रुपये बेची थीं दुकानें
जगतपुर में तीन साल पहले आरिफ ने अवैध दो मंजिला मार्केट बनवाकर कई दुकानों को 30-30 लाख रुपये में बेचा। जो नहीं बिकीं, उनको किराये पर उठा दिया। उनसे भी वह आठ-नौ हजार रुपये प्रतिमाह किराया वसूलता था। 11 अक्तूबर को जब सीलिंग की कार्रवाई हुई तब दुकानदारों ने बताया था कि उन्हें सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया गया। जबकि, उन्होंने दुकान आरिफ से खरीदी थी।
मोहम्मद आरिफ के पीलीभीत रोड स्थित व्यापारिक भवन के भूतल पर जाहिद हुसैन की फर्नीचर की दुकान है। यह भवन सात-आठ साल पहले बनाया गया था। इसका भी कोई मानचित्र या रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया था। शनिवार को अवैध दुकानों पर कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान दौरान मार्ग पर यातायात को बंद कर दिया गया है। एहतियात बरतते हुए बिजली सप्लाई को रोक दिया गया है।
जगतपुर में आरिफ की मार्केट पर चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोग बोले- मिट्टी में मिला रसूख
जगतपुर रोड निवासी मोहम्मद इलियास ने बताया कि मोहम्मद आरिफ ने करीब दो ढाई साल पहले यहां पर दो मंजिला इमारत बनाई थी। इसमें कुछ दुकानें किराए पर भी उठ गई थीं, लेकिन, आरिफ ने अवैध रूप से अतिक्रमण करके या दुकान बनाई इसकी जानकारी मोहल्ले वालों को नहीं है। मोहम्मद इलियास ने बताया कि उन्होंने देख लिया है कि समय बदलता है। उन्होंने कहा कि ढाई साल पहले जब आरिफ यहां दुकान बनवा रहे थे तो उनका रुतबा देखते ही बन रहा था, लेकिन आज समय बदला और उनकी दुकानों के साथ ही उनका रसूख भी मिट्टी में मिल गया है।