मनिहार वाली गली में शनिवार शाम को पुरानी दुकानें भरभराकर गिर गई। दुकानों के पास में खड़ी बाइक और दो ठेले मलबे के नीचे दब गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
बरेली के कुतुबखाना क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 117 वर्ष पुरानी दुकानें भरभराकर गिर गईं। लोगों ने भागकर जान बचाई। एक बाइक और दो ठेले मलबे के नीचे दब गए। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ, वरना बड़ा हादसा हो जाता। मलबे से निकली ईंटों पर वर्ष 1908 लिखा है। इस लिहाज से अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये दुकानें करीब 117 साल पहले बनी होंगी।
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मनिहारन गली के पास शाहबाद निवासी सईद की जनरल मर्चेंट की दुकानें हैं। देर शाम सईद अपनी दुकान बंद कर रहे थे। तभी दो-तीन ईंटें गिरीं। यह देखकर आसपास खड़े लोगों ने वहां से भागना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में तीन दुकानें और दो गोदाम धराशायी हो गए। वहां मौजूद लोगों को दुकान के बाहर खड़े ठेले और बाइकों को हटाने का मौका तक नहीं मिला।
पलभर में धराशायी हो गईं दुकानें
सईद की दुकान के सामने रहने वाले सुशील चाय लेने पास की दुकान पर जा रहे थे। उसी दौरान ईंटें गिरने लगीं तो उन्होंने आवाज लगाकर सईद को दुकान से दूर हटने के लिए कहा और खुद भी तेजी से वहां से भागे। वह कुछ ही दूर जा पाए थे कि दुकानें धराशायी हो गईं।
उन्होंने बताया कि एक युवक उधर से पैदल निकल रहा था। वह बचने के लिए वहां से भागा तो पास में खड़ी बाइक में फंसकर गिर गया। गनीमत रही कि उसके ऊपर मलबा नहीं गिरा। हालांकि, इस दौरान वह मामूली जख्मी हो गया।