शहर के गली मुहल्लों में तो अवैध डेयरियां गंदगी फैला ही रही हैं, अब तो हाई वे का किनारा भी इन भैंस वालों का हो गया। भैंसे सुबह शाम हाईवे पर टहलती हैं। गोबर और भूसे के ढेर लगे हैं। भैंस वालों की इतनी हनक है कि बल्कि यूं कहें कि ऐसा राज है कि कोई कुछ नहीं कह सकता। नैनीताल हाईवे के दोनों ओर पटरियां इन्हीं से घिरी हुईं हैं, जिससे दुपहिया वाहन चालकों को निकलने के लिए जगह भी नहीं बची है। रोजाना चार छह दुर्घटनाएं हो ही जाती हैं। एफएमडी जैसा वायरस इन्हीं डेयरियों से निकलकर आईवीआरआई परिसर में पहुंचा। इन डेयरियों के इर्द-गिर्द मंडराने वाले पक्षी त्रिशूल एयरबेस के विमानों के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन किसे पड़ी है।
नैनीताल रोड पर इज्जतनगर से लेकर दोहना और उससे आगे दोनों ओर फोरलेन के किनारे पीडब्लूडी की जमीन पर भैंस पालकों का राज है। वहीं हरा चारा काटने के लिए कुट्टी मशीन भी लगा दी हैं। भूसा भी एकत्रित कर लिया गया है। टिन शेड डालकर पक्के मकान भी बना लिए हैं, जिनमें पशु पालकों के परिवार रह रहे हैं।
पता नहीं सच कौन बोल रहा है
‘ नगर निगम की ओर से कई बार एक सौ से अधिक नोटिस जारी किए। चालान भी हुए हैं। पुलिस का साथ न मिलने के कारण फिर से डेयरी स्थापित हो जाती हैं। स्टेट हाईवे पर डेयरी और पशुओं को पालना गलत है। इन डेयरियों के खिलाफ पीडब्लूडी के साथ मिलकर अभियान चलाएंगे।’
शीलघर यादव, नगर आयुक्त
‘एक साल से हमारे संज्ञान में नहीं हैं कि नगर निगम की ओर से अवैध डेयरियों को हटाने के लिए पुलिस बल मांगा गया है। अगर नगर निगम की ओर से इस बारे में कोई संदेश मिलता तो अवैध कब्जों को हटाने के लिए पुलिस बल जरूर मुहैया कराया जाता।’ समीर सौरभ, एसपी सिटी