सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जगी उम्मीद
जिला अस्पताल परिसर में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर (लेवल-2) के निर्माण के लिए 44 करोड़ के बजट का इंतजार थमने की उम्मीद है। तीन सौ बेड अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के तर्ज पर संचालन की भी आस जगी है। बजट में प्रदेश में प्रस्तावित चार अस्पतालों में से एक बरेली में संचालित हो सकता है। जिला अस्पताल में ट्रॉमा विंग भवन का निर्माण पूरा हुए करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं। संसाधन और विशेषज्ञों के अभाव में इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। ट्रॉमा सेंटर संचालन की घोषणा से संसाधनों की उपलब्धता और चिकित्सकों की तैनाती की उम्मीद जगी है।
एम्स की स्थापना और कारीगरों के संरक्षण की उठाई मांग
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने बरेली में एम्स की स्थापना की मांग की। जरी, बांस-बेत, फर्नीचर और प्लाई उद्योग से जुड़े कारीगरों व उद्यमियों को प्रोत्साहन और संरक्षण देने पर जोर दिया। बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग दोहराई। सुभाषनगर व मढ़ीनाथ क्षेत्र में अंडरपास का मामला उठाया। बरेली में बदायूं रोड पर नए बस अड्डे के निर्माण, शहर में मेट्रो सेवा शुरू करने, एयरपोर्ट से उड़ानों को बढ़ाने, चारधाम यात्रा के लिए बरेली एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की मांग की।
बेड और संसाधनों का तैयार हो रहा रिकॉर्ड
तीन सौ बेड अस्पताल के पीपीपी मॉडल पर संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कमर कस ली है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने आईएमए की बरेली शाखा को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों, भवन का नक्शा आदि उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी सीएमएस से रिकॉर्ड मांगा है। आठ वर्ष पूर्व निर्माण पूरा होने के बाद तीन सौ बेड अस्पताल में अब तक आधे-अधूरे संसाधनों के साथ ओपीडी संचालित है।
विशेषज्ञ और स्टाफ के अभाव में आईसीयू, पीकू, इमरजेंसी वार्ड में उपकरण धूल फांक रहे हैं। बीते दिनों मंडलायुक्त ने पीपीपी मॉडल पर इसके संचालन के लिए कवायद शुरू की है। इसके लिए अब अस्पताल में मौजूद उपकरणों और उनके संचालन की स्थिति संबंधी रिपोर्ट मांगी है। संबंधित रिकॉर्ड आईएमए को मुहैया कराया जाएगा ताकि उसके आधार पर संचालन संबंधी प्रस्ताव तैयार किया जा सके।