बरेली। जिले की तहसीलों में जल जीवन मिशन दम तोड़ता नजर आ रहा है। कहीं अधूरे ओवरहेड टैंक सफेद हाथी साबित हो रहे हैं, तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें प्रशासनिक कार्यशैली की पोल खोल रही हैं। बजट तो बहा दिया गया, लेकिन हकीकत अधूरे निर्माण और अधूरी उम्मीदों की कहानी बयां कर रही है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से 10 मार्च को मिशन की मियाद 2028 तक बढ़ा दी गई है। 18 मार्च को प्रदेश सरकार की ओर से मार्च 2026 तक का आंतरिक लक्ष्य बनाया है। इन दावों को हकीकत आईना दिखा रही है।
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टैंक का निर्माण अधर में 26,655 की आबादी योजना के लाभ से वंचित
मीरगंज/दुनका। गांव नौसना और मंडनपुर सहित कई गांवों में ओवरहेड टैंक अधूरे बने हुए हैं। गांव नौसना में तीन साल पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। इससे नगरिया सादात, नौसना और कुल्छा खुर्द आदि गांवों की 12,000 की आबादी को जल आपूर्ति की जाती। लेकिन, टैंक के निर्माण के लिए लगीं लकड़ी की बल्लियां गिर रही हैं। आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछा दी गई है लेकिन टोटियां नहीं लगाई गई हैं। ग्राम प्रधान अकील अहमद ने बताया कि ठेकेदार दो साल पहले काम अधूरा छोड़कर चला गया। वहीं, गांव मंडनपुर में भी ओवरहेड टैंक अधूरा बना है। आपूर्ति के लिए लगाए गए सोलर पैनल भी टूट गए हैं। ग्राम प्रधान रिजवान अहमद ने बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गांव पैगानगरी, दिवना, सुजातपुर सहित दर्जनों गांवों में यह हालात हैं। कई जगह पाइपलाइन तो बिछा दी गई लेकिन टोटियां नहीं लगाई गईं। ग्रामीणों नल का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
विकास खंड शेरगढ़ की ग्राम पंचायत गनेशपुर, बसई, रास और सुल्तानपुर में चार साल से ओवरहेड टैंक का निर्माण अधर में लटका है। इससे 7,155 की आबादी योजना के लाभ से वंचित है। ग्राम पंचायत गनेशपुर में बन रहे ओवरहेड टैंक के बारे में ग्राम प्रधान के पति मो. हनीफ ने बताया कि टैंक का निर्माण 21 दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।अबतक नहीं बना। ग्राम पंचायत बसई में जल आपूर्ति के लिए ठेकेदार ने पाइपलाइन डाल दी, लेकिन टैंक नहीं बना। ग्राम प्रधान सतीश चंद्र गंगवार ने बताया कि ठेकेदार ने सड़क खोदकर खराब कर दी। ग्रामीणों को पानी भी नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत रास में पांच हजार की आबादी लाभ से वंचित है। ग्राम पंचायत सुल्तानपुर के मजरा दुनकी में भी यही हाल है। सुल्तानपुर के ग्राम प्रधान के पति मोतीराम ने बताया कि उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 2,500 की आबादी को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
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योजना की समयसीमा 2028 तक कर दी गई है। उन गांवों में प्राथमिकता से काम किया जाएगा, जहां निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अधूरे ओवरहेड टैंकों को बनवाया जाएगा। जबतक टैंक नहीं बन जाते तबतक मोटर के जरिये जल आपूर्ति की जाएगी।
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नवाबगंज में आधे अधूरे पडें ओवर हैंड टैंक
नवाबगंज। तहसील के बीजामऊ,औरंगाबाद, रिछोला, गरगइया ,रसूला कमरुलनिशा आदि गांवों में ओवरहेड टैंक का निर्माण दो-तीन साल से अधूरा है। क्योलड़िया में पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोदकर दोबारा समतल नहीं की गई। भदपुरा ब्लॉक के गुलड़िया लेखराज में टैंक का निर्माण दो साल से रुका हुआ है। इस ओवरहेड टैंक से रुकुमपुर, चंद्रपुर, ख्यलीराम आदि गांवों में जल आपूर्ति की जानी थी। ब्लॉक की 79 ग्राम पंचायतों में से अबतक 24 गांवों में ही ओवरहेड टैंक बना है। ग्राम पंचायत मधु नगला समेत कई गांव में केवल एक-दो घंटे ही पानी मिलता है। ग्राम पंचायत किशनपुर कुइया, बबूरा बबुरी, बरखन, खतौआ, मेथी नवदिया, मोतीराम नकटी, नरायनपुर, परशुरामपुर, ठिरया, बन्नो जान समेत कई ग्राम पंचायतों में अबतक जल आपूर्ति नहीं की गई।
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जल जीवन मिशन की अंतर्गत बनाए गए ओवरहेड टैंक अधूरे बने हैं। जेई ने बताया कि अभी फंड उपलब्ध नहीं है। फंड मिलने पर काम करवाया जाएगा। कार्य तो किए जा रहे हैं लेकिन धीमी गति से हो रहे हैं। महेशचंद्र शाक्य, खंड विकास अधिकारी, नवाबगंज
फोटो 1 बीजामऊ गांव में अधूरा खडा ओवरहैंड टैंक
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न टंकी बनी, न ही पानी मिला, शिकायत सुनने वाला कोई नहीं
बहेड़ी/शीशगढ़। दमखोदा और बहेड़ी ब्लॉक के कई गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले काम पूरे नहीं किए गए हैं। मिशन से संबंधित समस्याएं बताने के लिए ब्लॉक परिसर में दफ्तर बनाया जाना था, वह भी नहीं बना है। गुड़वारा, मुड़िया मुकरमपुर, सैदपुर, मितिडांडी, हसनपुर, मुरचौडा, जाम सावंत आदि गांवों में यही हालात हैं। गां मितापुर निवासी अब्बास अहमद के बताया कि सड़क खोद दी गई है। ओवरहेड टैंक अधूरा बना हुआ है। ठेकेदार भी कई माह से काम नहीं कर रहा है।
वहीं, शीशगढ़ क्षेत्र में गांव गिरधरपुर, जगत, बिल्सा, बल्ली, जाफरपुर, मानपुर आदि गांवों में ओवरहेड टैंक नहीं बना है। गांव गिरधरपुर में 4,000 की आबादी को योजना का लाभ नहीं मिला है। गांव जाफरपुर निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि ओवरहेड टैंक के निर्माण में हीलाहवाली हो रही है। गांव गिरधरपुर की ग्राम प्रधान प्रेमवती ने बताया कि गांव में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। आधे गांव में खड़ंजे और सीसी रोड को तोड़कर डाल दिया गया है। ग्रामीणों न योजना का लाभ मिला, आने जाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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कहीं पाइपलाइन टूटी, तो कहीं केबल चोरी होने से आपूर्ति बाधित
अलीगंज/सिरौली। क्यारा ब्लॉक के गांव सूदनपुर तीन साल से ओवरहेड टैंक का निर्माण अधर में लटका है। इससे 10,000 की आबादी को लाभ नहीं मिला है। गांव धनेती खरगपुर, हैबतपुर में ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिला है। जल निगम के एई पीके वर्मा ने बताया कि सूदनपुर में ग्रामीणों ने पाइपलाइन जगह-जगह से काट दी थी, जिससे पानी की रिसाव हो रहा था। उसे ठीक करवाया जा रहा है। एक सप्ताह में जल आपूर्ति की जाएगी। धनेती खरगपुर में 15 दिन में लोगों को जल की आपूर्ति रुकी हुई है।
सिरौली के गांव केसरपुर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन से आपूर्ति शुरू की गई। चोरों ने केबल चोरी कर लिया। इस कारण चार माह से आपूर्ति बाधित है। यह टंकी बिजली के बजाय सोलर पैनल से चलाई जाती थी। उसके केबल चोरी कर लिए गए। गांव के पूर्व प्रधान हामिद खान ने बताया कि गांववासी गौहर खान ने शिकायत की तब एक मिस्त्री आया और बोला, पहले शिकायत वापस लो। भाजपा नेता बल्लू माहेश्वरी और निजामुद्दीन ने बताया कि चार माह से पानी नहीं मिल रहा है। कई शिकायतों की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान इसलेआर खान ने बताया कि केबल डालने के लिए ढाई लाख रुपये चाहिए।
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कहीं काम अधूरा, कहीं पानी का प्रेशर कमबिशारतगंज/रामनगर। बिशातरगंज के मझगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहटा बुजुर्ग में 2 करोड़ 70 लाख की लागत से बना ओवरहेड टैंक चार साल से रुका हुआ है। इसका निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पाइपलाइन डालकर नलकूप से जल की आपूर्ति शुरू कराई गई। इसके बाद सोलर पैनल के केबल चोरी हो गए। डेढ़ माह से आपूर्ति ठप है। गांव बेहटा बुजुर्ग गांव में 782 घरों में कनेक्शन देकर टोटी नहीं लगाई गई हैं। ओवरहेड टैंक का अधूरा है। पाइपलाइन जगह-जगह लीकेज बंद नहीं की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, जिन घरों में कनेक्शन दिए गए वहां प्रेशर कम होता है। ग्राम प्रधान के पति अब्दुल सत्तार अंसारी ने बताया कि अधिकारियों को कई बार शिकायत की, लेकिन टालमटोल की गई। गर्मी में परेशानी होगी।
रामनगर ब्लॉक में सड़क किनारे बना ओवरहेड टैंक खाली है। इससे चार गांवों में जल आपूर्ति की जानी है, काम पूरा नहीं हुआ है। प्रधान अजयपाल सिंह ने बताया कि अबतक केवल आधे गांव में ही पाइपलाइन बिछाई गई है। खोदाई पूरे गांव में कर दी गई।
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खोदकर छोड़ीं सड़कें, लोग गिरकर हो रहे चोटिलफतेहगंज पूर्वी। ग्राम पंचायत बिलपुर के अत्तूनगला और भगवानपुर, कुन्दन ग्राम पंचायत के निवड़िया गांव में ओवरहेड टैंक का निर्माण अधूरा है।कार्यदायी संस्था ने अत्तूनगला में तो टैंक ही नहीं बनाया है। केवल पिलर खड़े कर दिए हैं। कई गलियों में पाइपलाइन डालकर सड़कों को समतल नहीं किया गया। इस कारण लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सोलर पैनलों से मोटर चलाई जाती है। गांव निवड़िया में भी ओवरहेड टैंक अधूरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध जल नहीं मिला है। गांव अत्तूनगला निवासी सुरेश मौर्य ने बताया कि गांव में पाइप लाइन डालने के लिए सड़कें खोद दी हैं। लोगों को खुद ही मरम्मत करनी पड़ी। गांव निवड़िया निवासी सुशील शर्मा ने बताया कि टैंक का निर्माण शुरू होने पर शुद्ध जल मिलने की आस जगी थी, लेकिन अब उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। ग्राम पंचायत भीकमपुर निवासी नेमश्री ने बताया कि पाइपलाइन टूटी हुई है। टंकियों में पानी नहीं आ रहा है। 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन समाधान नहीं हुआ।भीकमपुर निवासी प्रेमवती के घर में दो साल से पानी नहीं आया है। ग्राम प्रधान वीरपाल ने बताया कि शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है। बिलपुर ग्राम प्रधान बबिता मिश्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत में 10,000 से ज्यादा आबादी को लाभ नहीं मिला है। खोदी गई सड़कों की मरम्मत ग्राम निधि से कराई गई है।
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बजट नहीं होने के कारण कार्य अधूरे हैं। कुछ बजट आया था, जिससे कार्य पूरा कराया जा रहा है। वहां 90 फीसदी कार्य हो चुका था।अब 2028 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। भीकमपुर में टूटी हुई पाइपलाइन को सही करवाने के निर्देश दिए गए हैं। - रूमान सगीर, एई, जलनिगम
फोटो-संवाद।
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