20 व्यापारियों से कर चुका है ठगी
एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि संकेत लड़कियों की आवाज निकालने में माहिर है। आरोपी गूगल के माध्यम से सराफा व्यापारियों और मोबाइल विक्रेताओं के नंबर तलाश करता है। इसी तरह थाना प्रभारियों के मोबाइल नंबर प्राप्त कर लेता है। लड़की की आवाज में बात करते हुए खुद को एसपी बताकर व्यापारियों पर चोरी का माल खरीदने का आरोप लगाता है। यह भी कहता है कि उसकी पुलिस ने चोरी का माल बेचने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। माल रिकवरी के लिए उन्हें और संबंधित थाना प्रभारियों को कॉल करता है। इसी तरह वह अब तक कई जिलों के 20 व्यापारियों और मोबाइल विक्रेताओं को निशाना बना चुका है।
ऐसे पकड़ा गया साइबर ठग
साइबर ठग संकेत यादव अपने पास दो मोबाइल रखता है। एक मोबाइल केवल ठगी करने में प्रयोग करता है। दूसरा मोबाइल साधारण बातचीत के लिए रखता है। एक बार ठगने के बाद फिर मोबाइल चार-पांच दिन के लिए बंद कर लेता है। अक्सर ऐसी घटनाओं में पुलिस आरोपियों को पकड़ने की कोशिश नहीं करती लेकिन उझानी पुलिस और एसओजी की कई टीमें बनाकर इसके पीछे लगाई गईं। पुलिस इसकी तलाश में कई दिन तक जबलपुर में डेरा जमाए रही। इसकी लोकेशन अलग-अलग स्थानों पर मिल रही थी। जैसे-जैसे लोकेशन बदल रहा था। वैसे-वैसे टीमें विभाजित होती गईं और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आराध्या चौहान बनकर की थी उझानी के सराफ को कॉल
पिछले माह 28 फरवरी को संकेत यादव ने लड़की की आवाज निकालकर उझानी कस्बे के दीपक ज्वैलर्स के मालिक आलोक अग्रवाल को ग्वालियर की एसपी आराध्या चौहान बनकर कॉल की थी। उसने कहा था कि यहां एक रूपा नाम की महिला पकड़ी गई है। उसने चोरी के जेवर आपकी दुकान पर बेचे थे। या तो वह जेवर वापस कर दो या फिर उसकी कीमत के रुपये ट्रांसफर कर दो। इसके बाद उसने सीओ को कॉल की थी।
सीओ ने मामला उझानी इंस्पेक्टर को बता दिया था। उस दिन इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह अवकाश पर थे। इससे उन्होंने एसएसआई को बता दिया था लेकिन एसएसआई ने बिना छानबीन किए सराफा व्यापारी को पकड़ लिया। उन्हें थाने ले गए। कार्रवाई के डर से व्यापारी ने हरियाणा निवासी उसके फुफेरे भाई राहुल के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए।