मुस्लिमों के साथ से बन सकती है बसपा की बात
बरेली लोकसभा क्षेत्र में करीब 23 लाख मतदाता हैं। बताते हैं कि इसमें अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के दो लाख मतदाता हैं। बसपा इनको अपना कोर वोटर मानकर चलती है। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब आठ लाख है जो कुल मतों का करीब एक तिहाई है। ऐसे में अगर मुस्लिम मतदाता भी बसपा का साथ दें तो ही वह प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने की स्थिति में आ सकती है।
आंवला से मुस्लिम, क्षत्रिय व पिछड़ा वर्ग के आवेदक
आंवला लोकसभा सीट पर भाजपा और सपा दोनों ने अपने पत्ते खोल दिए हैं पर बसपा ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। बताया जाता है कि यहां अबकी बार पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और क्षत्रिय वर्ग के आवेदकों ने टिकट मांगा है। क्षत्रिय और पिछड़ा वर्ग पर भरोसा कर पूर्व में पार्टी ने टिकट दिया था पर उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे। ऐसे में अबकी बार बसपा का क्या दांव होगा, यह अगले सप्ताह तक साफ होगा।
बसपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आंवला और बरेली शहर से बसपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। जो आवेदन प्राप्त हुए थे, उन्हें पार्टी नेतृत्व को भेज दिया गया है। जो भी प्रत्याशी घोषित होगा, उसे मजबूती से चुनाव लड़ाया जाएगा। हमारी तैयारी बूथ स्तर तक है।