यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के मसले पर मंगलवार को हुई बैठक में डीआईओएस और बीएसए आमने-सामने आ गए। जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित बैठक में डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने कहा कि 4530 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत है। इसमें एडेड और वित्तविहीन शिक्षकों को लगाने के बाद बेसिक शिक्षा के 1500 शिक्षकों की और जरूरत होगी। इस पर बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान ने कहा कि पहली अप्रैल से नए सत्र शुरू होने का शासनादेश आ गया है, इसलिए वह कक्ष निरीक्षक नहीं दे पाएंगे। दोनों की बातचीत सुनने के बाद जिलाधिकारी गौरव दयाल ने कहा कि पहले सभी मिलकर बोर्ड परीक्षा कराएं।
बृहस्पतिवार से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, अब तक विभाग कक्ष निरीक्षकों की पूर्ति नहीं कर पाया है। बीएसए कक्ष निरीक्षक देने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि शासनादेश है कि 14 से 21 मार्च तक पांचवीं से आठवीं तक की परीक्षाएं होनी हैं और पहली अप्रैल से नया सत्र शुरू होना है। यदि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में लगा दिए जाएंगे तो स्कूलों में पढ़ाई बाधित होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों की ड्यूटी तभी लगाई जाएगी, जब डीआईओएस लिखकर दे देंगे कि राजकीय, एडेड और प्राइवेट विद्यालयों के सौ फीसदी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। इसके बाद अगर शिक्षक कम पड़ेंगे तो बेसिक शिक्षा विभाग देगा। इस प्रकरण में डीएम ने कहा कि सबकी जिम्मेदारी है कि पहले बोर्ड परीक्षा कराई जाए। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी इस तरह लगाई जाए, जिससे स्कूल प्रभावित न हों।
इसी बीच माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र गंगवार ने भी समय से कक्ष निरीक्षक उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में एसपी सिटी समीर सौरभ ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर फोर्स के लिए निर्देश भेज दिए गए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट के साथ भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापक अपने पास थाना इंचार्ज का नंबर भी रखें, ताकि गड़बड़ी होने पर फोर्स बुलाई जा सके। डीआईओएस ने यह भी बताया कि बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्थाएं भी ठीक रखनी होंगी, ताकि विद्यार्थियों को समस्या न हो। बैठक में एसएसपी आरके भारद्वाज, एडीआईओएस आरके सिंह, वेदराम आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन उपप्रधानाचार्य डॉ. अवनीश कुमार यादव ने किया।
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संवेदनशील केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट रहेंगे
सबसे कम 300 परीक्षार्थी हाफिज सिद्दीकी कॉलेज में और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 1241 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। हालांकि, नियमों के तहत 1200 से ज्यादा परीक्षार्थी किसी केंद्र पर नहीं हो सकते, लेकिन छात्राओं का परीक्षा केंद्र बाहर नहीं बनाया जा सकता, इसलिए वहां परीक्षार्थी ज्यादा रहेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट रहेंगे और जहां पहली बार केंद्र बना है, वहां पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बनाए गए हैं।
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उत्तर पुस्तिकाओं के लिए जीआईसी में बनेगा संचालन केन्द्र
परीक्षा के लिए डीआईओएस गजेंद्र कुमार, एसोसिएट डीआईओएस आरके सिंह, बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान, अकाउंट ऑफिसर अनिल सिंह और डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता वेदराम की टीम सचल दल में रहेगी। इस टीम में एक महिला सदस्य भी रहेंगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर आंतरिक सचल दल में भी महिला सदस्य का होना अनिवार्य है। उत्तर पुस्तिकाओं के लिए संकलन केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज में बनाया जाएगा।
985 परीक्षार्थी और दो कक्ष निरीक्षक कैसे कराएंगे परीक्षा
ब्रह्मा देवी बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ने शिकायत की
बरेली। ब्रह्मा देवी बालिका इंटर कॉलेज मीरगंज में 985 परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसमें 10 विद्यालयों का सेंटर है। जबकि ड्यूटी करने वाले सिर्फ दो कक्ष निरीक्षक हैं। कॉलेज की प्रधानाचार्य ने डीएम से इसकी शिकायत की।
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परीक्षार्थियों के डॉक्युमेंट न पहुंचने से परीक्षा पर संकट
बरेली। कस्तूरबा नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रश्मि जायसवाल ने डीआईओएस को बताया कि इस केंद्र पर जेबीएस मेमोरियल इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की 43 छात्राएं हैं। विद्यालय चार और छात्राओं मीना, सपना, सरिता सिंह, सीमा बी का परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कह रहा है। इन छात्राओं का परीक्षा केंद्र किसी दूसरे विद्यालय में है। इनसे संबंधित डेस्ट स्लिप, उपस्थिति पत्रक आदि भी उपलब्धि नहीं कराए गए हैं। ऐसे में इन छात्राओं की परीक्षा नगर निगम कस्तूरबा इंटर कॉलेज में नहीं हो पाएगी।
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कृषक समाज इंटर कॉलेज में प्रश्नपत्र कम पड़े
कृषक समाज इंटर कॉलेज में प्रश्नपत्र कम पड़ गए हैं। विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और चित्रकला में प्रश्नपत्रों की संख्या कम निकली है। कृषक समाज इंटर कॉलेज की ओर से डीआईओएस को लिखकर शिकायती पत्र दे दिया गया है। पत्र में है कि समय से प्रश्नपत्र मंगा लिए जाएं, ताकि परीक्षा के समय कोई समस्या न हो।