बरेली कॉलेज ने एक तरफ 69 फर्जी दाखिले निरस्त करने के आदेश दिये और दूसरी तरफ इन छात्रों के रोल नंबर भी जारी कर दिए। इसके विरोध में छात्र संगठनों ने कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा का घेराव किया। करीब सात घंटे तक उन्हें कार्यालय से बाहर नहीं जाने दिया गया। पुलिस-प्रशासन के साथ वार्ता होने के बाद ही छात्र नेता शांत हुए।
बरेली कॉलेज फर्जी दाखिले निरस्त करने का आदेश जारी करता है और विश्वविद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए उनके रोल नंबर जारी कर देता है। विद्यार्थी परिषद और समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को यह जानकारी मिली तो वे कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा के पास पहुंच गए। उनका कहना था कि अगर बरेली कॉलेज ने इनके दाखिले निरस्त करने का आदेश दिया है तो इनके रोल नंबर कैसे जारी हो गए। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की मांग थी कि फर्जी दाखिले निरस्त होने के बाद खाली सीटों पर दोबारा मेरिट निकाली जाए और प्रवेश लिये जाएं। दोषियों पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने भी बरेली कॉलेज में फर्जी दाखिले करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सभी कार्यकर्ता सुबह 12 बजे ही प्राचार्य को कार्यालय में घेरकर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब उनके सवालों के जवाब नहीं मिलेंगे, तब तक वह किसी को नहीं जाने देंगे। शाम सात बजे पुलिस और प्रशासन ने प्राचार्य और छात्रनेताओं के साथ बातचीत की। एडीएम सिटी, सीओ ने छात्रनेताओं को समझाबुझाकर शांत कराने की कोशिश की। प्राचार्य ने फर्जी दाखिले के मामले की जांच के लिए बारादरी थाने को लिख दिया है। इस प्रकरण में लंबी बातचीत के बाद ही छात्रनेता शांत हुए। करीब सात घंटे तक कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा के साथ ही डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. एसी त्रिपाठी, डॉ. आनंद लखटकिया के साथ ही डॉ. विकास पांडेय भी बैठे रहे। हंगामे के दौरान ही एक मीडियाकर्मी से भी छात्र नेताओं की नोकझोंक हो गई।
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बरेली कॉलेज ने फर्जी दाखिले निरस्त करने का आदेश कर दिया था। रोल नंबर विश्वविद्यालय से जारी हुए होंगे। इसकी जानकारी मुझे इन छात्रों से ही मिली है। दाखिले की जांच के लिए बारादरी थाने को भी लिख दिया है।
- डॉ. अजय शर्मा, कार्यवाहक प्राचार्य, बरेली कॉलेज