इस भीषण गर्मी में महानगर स्थित दर्जनों सरकारी कार्यालयों में लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है। यहां दूरदराज से दर्जनों फरियादी आते हैं। फरियादियों के अलावा कर्मचारियों को भी पानी के लिए परेशानी होती है। कई दफ्तरों में तो हैंडपंप और पानी की टंकी तक नहीं है। जहां हैंडपंप हैं भी तो अधिकांश खराब पडे़ हैं। कई दफ्तरों में पानी की टंकियां ही सूखी पड़ी है।
विकास भवन: न हैंडपंप न टंकी
डेढ़ दर्जन से ज्यादा सरकारी विभागों वाले विकास भवन में पीने के पानी के लिए न तो एक भी नल या हैंडपंप है और न ही कोई टंकी। यहां समाज कल्याण, विकलांग कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, ग्राम विकास और पंचायत राज आदि विभागों के अलावा सीडीओ से फरियाद लेकर हर दिन आने वाले सैकड़ों लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। कर्मचारी भी या तो बोतल में पानी लेकर आते हैं या फिर दूर कहीं से चपरासियों से मंगवाकर पीते हैं। कई साल पहले एक हैंडपंप लगाया गया था लेकिन जलस्तर नीचे जाने से उससे पानी आना बंद हो गया है। बुधवार को लोगों ने सीडीओ शिवसहाय अवस्थी से पेयजल की व्यवस्था की मांग की तो उन्होंने डीडीओ को तत्काल पेयजल की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट : बाहर से मंगाते हैं पानी
कलक्ट्रेट में स्टाफ ने तो पीने के पानी के लिए अपने-अपने विभागों ने वाटर कूलरों में इंतजाम कर लिया है। उनके लिए सुबह टेपों आता है और करीब 40 से 50 प्लास्टिक के खाली वाटर कूलर ले जाते है और उतने ही भरे रख जाते हैं। इस पानी को कलक्ट्रेट का अधिकांश स्टाफ पी रहा है। मुुख्य गेट और पीछे के गेट पर पीने के लिए पानी के लिए दो हैंडपंप लगे हैं जो परिसर में आने वाले हर व्यक्ति को दिखाई देते हैं, वही पर फरियादी आते समय और काम के बाद लौटते समय पानी पीते हैं। इसके अलावा साइकिल स्टैंड के बराबर एनआईसी और कोषागार परिसर में पीने के पानी के दो आरओ सिस्टम लगे हैं। कोषागार में काम के लिए आने वाले पेंशनर इस आरओ सिस्टम के पानी का इस्तेमाल करते हैं।
नगर निगम भी प्यासा
बरेली। इस गर्मी में अगर कोई नगर निगम पहुंचे तो उसके लिए पानी पीने की व्यवस्था नहीं है। यहां आम जनता को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। पार्षदों के कक्ष में वाटर कूलर लगा है। कार्यकारिणी या बोर्ड में पार्षद अपने कक्ष में तो पीने के पानी से लेकर टीवी और एसी लगवाने की मांग उठाते हैं लेकिन जो पब्लिक उनको चुनकर भेजती है, उसके लिए अभी तक पीने के पानी का इंतजाम नहीं करा पाए। निगम के दूसरे गेट के निकट टॉयलेट के नजदीक एक हैंडपंप लगा है। आसपास इतनी बदबू आती है कि कोई भी पानी नहीं पी सकता। अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह का कहना है कि पब्लिक को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही परिसर में एक्वागार्ड लगवाया जा रहा है। इस्टीमेट बन चुका है।
बीडीए में एक्वागार्ड उपलब्ध
बीडीए में फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर पर एक्वागार्ड रखवाए गए हैं। यहां पीने के पानी की खास दिक्क्त नहीं है। जनता अदालत में आने वालों समेत आम लोगों को भी भीषण गर्मी में ठंडा पानी उपलब्ध रहता है।