बंगला नंबर 11 की भूमि पर बनेगा अस्पताल, गुरुवार को पूर्व कर्मचारियों के पांच आवास ढहाए गए
बरेली/ सीबीगंज। आईटीआर की जमीन को लेकर आए तमाम अड़ंगे दूर हो चुके हैं। आईटीआर की जमीन पर प्रस्तावित सौ बेड अस्पताल के निर्माण में बाधा बने पूर्व कर्मचारियों के पांचों आवास गुरुवार को जेसीबी से ढहा दिए गए। इसके साथ ही अब बंगला नंबर 11 की भूमि पर सौ बेड के सुपर स्पेशलिटी ईएसआई हास्पिटल का रास्ता साफ हो गया है। परिसर में रह रहे पांचों पूर्व कर्मियों को रहने के लिए दूसरी जगह दे दी गई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अधिकारियों ने बंगला नंबर 11 की जमीन की रजिस्ट्री कराने की कवायद तेज कर दी है। इसके साथ ही श्रम मंत्रालय ने रविवार सुबह भूमिपूजन और शिलान्यास कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार पिछले दिनों आईटीआर परिसर में प्रस्तावित सौ बेड अस्पताल के निर्माण के लिए बंगला नंबर 11 की जमीन देखने पहुंचे थे। बंगला परिसर व आसपास अतिक्रमण देख वे अफसरों पर भड़क गए थे। उन्होंने विभागीय अफसरों से सवाल किया था कि सर्वे के दौरान संबंधित अतिक्रमण क्यों नहीं इंगित किया गया। उन्होंने परिसर से अतिक्रमण साफ कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक अफसर सतर्क हुए और परिसर में बने कर्मचारी आवासों में रहने वाले पूर्व कर्मियों को हटने को कहा लेकिन वे नहीं माने तब ध्वस्तीकरण प्रक्रिया हुई। प्रशासन के तेवर देख पूर्व कर्मी फैक्टरी परिसर में अन्य स्थान पर जाने को तैयार हो गए। इसके बाद गुरुवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण कर बने पांच आवासों को ढहाना शुरू कर दिया। कुछ ही घंटों में वहां जमीन समतल हो गई। प्रशासन ने इसकी जानकारी केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री के कार्यालय को दे दी।
उधर, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अधिकारियों ने अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार से मुलाकात कर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी। मंत्रालय ने इन अफसरों से कहा है कि वे रजिस्ट्री संबंधी प्रारूप तैयार कराएं। इसके तहत यह अफसर रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे और वहां सब रजिस्ट्रार बृजेश कुमार से मिले। कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल निर्माण हेतु आईटीआर कंपनी से 18,920 वर्ग मीटर जमीन खरीद रहा है। इसकी एक-दो दिन में रजिस्ट्री होनी है।
शिलान्यास रविवार को
अस्पताल निर्माण संबंधी बाधाएं दूर होने के बाद श्रम मंत्रालय ने महानिदेशक राज्य कर्मचारी बीमा निगम को निर्देशित किया है वह रविवार को भूमिपूजन और शिलान्यास कराएं। निर्देश मिलते ही ईएसआई अफसरों ने कवायद शुरू कर दी है। रविवार को दशहरा भी है इसलिए समारोह भी भव्य बनाने की तैयारी हो रही है।
आईटीआर पर सौ बेड का आधुनिक अस्पताल प्रस्तावित है। इसके लिए आईटीआर कंपनी से बंगला नंबर 11 खरीदा गया। इसमें 18,920 वर्ग मीटर जमीन है। अतिक्रमण प्रशासन ने साफ करा दिए हैं। शनिवार तक वांछित भुगतान भी हो जाएगा। - संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री
जर्जर आवासों में ठहराने का आरोप
सीबीगंज। आईटीआर की मुख्य कालोनी के आवास में शिफ्ट किए गए कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें जर्जर आवासों में ठहरा दिया गया है। यहां बिजली, पानी व शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। पूर्व कर्मचारी गिरधारी ने बताया कि उन्हें आईटीआर कॉलोनी के चौक नंबर 2 में कमरा दिया गया। इस कमरे की दीवार व छत टूटी हुई है। बिजली- पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। दरवाजे खिड़कियां जर्जर हो चुके हैं। फैक्टरी के चपरासी रहे काशीराम का भी कहना है कि जो कमरा दिया गया है वह जर्जर है। मोहनराम व जगदीश शरण का कहना है कि जो कमरे उन्हें दिए गए हैं उनमें लिंटर से लगातार मसाला टूट कर गिर रहा है। हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कमरे इतने जर्जर हैं कि कभी भी हादसा हो सकता है। किसी भी कमरे में शौचालय की व्यवस्था नही है। पूरन कांडपाल को कमिश्नरी में ही कुक बनाकर वहीं आवास की व्यवस्था भी कर दी गई है। पूर्व कर्मियों ने प्रशासन से बकाया भुगतान करने अथवा पुराने सर्किल रेट पर जमीन उपलब्ध कराने को कहा है।