बरेली। बिथरी में ब्लाक प्रमुख चुनाव के दिन सपा के शिविर में हुए बवाल पर दो लोगों की टेलीफोन वार्ता का ऑडियो बजरिए जिला संगठन सपा आला कमान तक पहुंच गया है। बरेली में भी पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इसे ठीक से सुन लिया है। जिलाअध्यक्ष वीरपाल सिंह इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि इसमें एक आवाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष बनाए गए संदेश कनौजिया की है। उनका कहना है कि उस दिन हंगामा करने वाले भी संदेश के ही लोग थे और ये घटना और उसका टेप जारी करने के पीछे संदेश का मकसद उनके और विजेंद्र सिंह के संबंध खराब करना रहा है। ऑडियो में कई बातें अतिरंजित कर बतायी गई हैं। सपा के सूत्र तो यह भी कह रहे हैं कि यह ऑडियो भी संदेश ने ही रविवार को एक खबर बनाने के लिए पत्रकार को भेजा था उसी के बाद यह वायरल होता गया जिसमें जिला अध्यक्ष की मानहानि की गई है।
मंगलवार को अमर उजाला में ऑडियो की खबर प्रकाशित होने के बाद सपा जिलाध्यक्ष ने यह ऑडियो मंगाकर सुना। गालियों से भरे इस टेलीफोन संवाद में जिला अध्यक्ष के लिए कई मानहानिकारक बातें भी कही गई हैं। इसमें संदेश खुद कमान मिलने की उम्मीद भी जता रहे हैं और लखनऊ जाकर पार्टी के बड़े नेताओं को पूरा हाल बताने की बात भी कह रहे हैं। जहां भी बिना नाम लिए जिलाध्यक्ष का जिक्र आया है वहां गालियों का प्रयोग किया गया है और कुल मिला कर खुद को सबसे बड़ा बाहुबली साबित करने का प्रयास किया गया है।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि यह अनुशानहीनता है इसकी रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को भेजी जा रही है। सपा के शिविर में विजेद्र और उनके परिवार के किसी सदस्य ने बदसलूकी नहीं की थी। उनसे उनके पारिवारिक रिश्ते हैं और हमेशा बने रहेंगे। उनका कहना है ऑडियो में संदेश खुद को जिला पंचायत का भी दावेदार बता रहे हैं जबकि वह अपने लोगों तक को जिता नहीं पाए। वीरपाल शहर से बाहर चले गए हैं। माना जा रहा है कि सपा आला कमान को इस ऑडयो के साथ ही पूरे घटनाक्रम की असलियत बताने जा रहे हैं और उसके बाद संदेश पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
एक हिस्ट्रीशीटर की बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष बनने से कोई गंभीर नहीं बन जाता। जो भी हुआ उसके लिए एक शराबी जिम्मेदार है। संदेश अपने बीडीसी सदस्य नहीं जिता पाया तो ब्लाक प्रमुख कैसे बन जाता? उसके पास एक वोट था जो उसने बसपा को दिला दिया।
- विजेंद्र सिंह प्रत्याशी ब्लाक प्रमुख