बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षा संकाय की बोर्ड ऑफ स्टडीज के समन्वयक ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बीएड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में मनमाने तरीके से परीक्षक नियुक्त किए गए। इसकी शिकायत विश्वविद्यालय में की, लेकिन उच्चाधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि उनके पत्र का भी जवाब नहीं दिया।
हिंदू कॉलेज मुरादाबाद में शिक्षा विभाग के प्रो. सुरेेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार को परीक्षा में बरती जा रहीं अनियमितताओं को लेकर अप्रैल में पत्र लिखा था, लेकिन विश्वविद्यालय ने कोई जवाब नहीं दिया। प्रो. सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि बीएड दूसरे वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में नियमों और आदेशों की अनदेखी की गई। बाहरी परीक्षकों की नियुक्ति में भी अनियमितता बरती गई। नियमानुसार, परीक्षा से पहले बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक कराई जाती है पर रुविवि ने दो साल से बैठक नहीं कराई। मनमाने तरीके से बाहरी परीक्षकों की नियुक्ति की। जबकि, उच्च न्यायालय का आदेश है कि बोर्ड की सहमति के बिना परीक्षक नियुक्त नहीं किए जा सकते। संबद्ध कॉलेजों के बीएड शिक्षकों के विरोध के बाद भी परीक्षा कराई गई। मामले में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल को भी पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समन्वयक की शिकायतों का भी जवाब नहीं दे रहा है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर पर प्रोफेसर ने शिकायत की थी। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संवाद