बरेली। डेलापीर तालाब के पास नगर निगम की जमीन पर बने 294 ईडब्ल्यूएस क्वार्टरों को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा। नगर निगम बोर्ड की बैठक में इन भवनों की रजिस्ट्री करने या उन्हें ध्वस्त करने पर निर्णय होगा। इन भवनों में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। मूल आवंटियों की जगह सिकमी किरायेदार रह रहे हैं। कुछ में व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। संबंधित भवन स्वामियों और कब्जेदारों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं।
नगर निगम प्रशासन ने अब इस मामले को बोर्ड के पाले में डाल दिया है। बोर्ड बैठक में क्वार्टरों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा कर नीति तय की जाएगी। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डेलापीर तालाब के पास की यह जमीन बेशकीमती है। यहां बने ईडब्ल्यूएस क्वार्टरों को लेकर काफी समय से विवाद बना हुआ है। निगम की कार्रवाई का अहम पहलू अतिक्रमण को हटाना भी होगा। अनियमितताएं मिलने पर बोर्ड कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट कर सकता है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। डेलापीर स्थित ईडब्ल्यूएस क्वार्टरों के मामले में भी कार्रवाई तय करते समय इस आदेश को आधार बनाया जाएगा। यदि बोर्ड रजिस्ट्री की नीति बनाता है तो पात्रता और शुल्क का आधार भी तय किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी कार्रवाई कानूनी प्रावधानों के अनुरूप हो।