नवाबगंज। पेट्रोल पंप की साझेदारी में ब्लॉक प्रमुख पति अनुज कुमार गंगवार के 61 लाख रुपये हड़पने के आरोप में पूर्व सैनिक मोहन स्वरूप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करके अनुज व उनके परिवार की छवि धूमिल की गई।
शिकायत के मुताबिक, अनुज की पत्नी प्रज्ञा गंगवार नवाबगंज विकासखंड की ब्लॉक प्रमुख हैं। मोहन स्वरूप के पास लाईखेड़ा गांव में पेट्रोल पंप का लाइसेंस था। रुपयों की कमी के कारण मोहन ने 2025 में अनुज को साझेदार बनाया। समझौते के तहत मोहन की 51 फीसदी और अनुज की 49 फीसदी पूंजी लगनी थी। अनुज ने पेट्रोल पंप के निर्माण व संचालन में 85 लाख रुपये खर्च किए। मार्च 2026 में हिसाब मांगने पर मोहन ने केवल 40 लाख रुपये दिए। 28 मार्च 2026 को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मौजूदगी में 61 लाख रुपये (45 लाख रुपये लागत और 16 लाख रुपये लाभ) बकाया होने पर सहमति बनी, जिसका भुगतान दो अप्रैल 2026 तक होना था।
भुगतान न करने के बाद मोहन स्वरूप ने अनुज, उनकी पत्नी, भाभी और भाई पर फर्जी आरोप लगाए। उसने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किए, जिसमें लाइसेंसी असलहे भी लहराए गए। आरोप है कि उसके इन सभी कृत्यों में हाफिजगंज थाना क्षेत्र के रिछोला ताराचंद गांव का राम विलास भी शामिल है। पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज न करने पर अनुज ने न्यायिक मजिस्ट्रेट नवाबगंज की कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट के आदेश पर मोहन स्वरूप और राम विलास के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।