पुलिस ने दो आरोपी पकड़े, बाकी की तलाश में दबिश जारी
बरेली। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर उपाध्यक्ष यूनुस अहमद उर्फ डंपी को हत्यारों ने ताबड़तोड़ चार गोलियां मारी थीं। शव में गोलियों की तलाश करने में पोस्टमार्टम टीम के पसीने छूट गए। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
डंपी की मंगलवार रात दस बजे करीब एजाज नगर गौंटिया में दरवाजे के सामने बैठे वक्त हत्या कर दी गई थी। पिछली गली से आए हत्यारों ने पड़ोसियों के साथ बैठे डंपी को निशाना बनाकर पहली गोली भेजे में मारी। डंपी के गिरते ही कुछ और गोलियां मारकर फरार हो गए थे। पत्नी शहनाज ने दो पूर्व फौजी सिराजुद्दीन, इसामुद्दीन व आशिफ समेत चार लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। दर्ज कराया कि रात में उनके पति, बहनोई वसीम अली व भाई आसिफ अली एजाज नगर गौंटिया स्थित घर के बाहर बैठे थे। पति ने इन दोनों से खाने के बारे में पूछा। यह अंदर गए तो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उनके पति की हत्या कर दी। वसीम और आसिफ बाहर निकले तो हमलावरों ने इन दोनों को भी जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गए। पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बाद आरोपियों की तलाश में दबिशें दीं। इसामुद्दीन व आशिफ की गिरफ्तारी देर रात पुलिस ने दिखा दी।
इससे, पहले पोस्टमार्टम टीम ने काफी मशक्कत के बाद चार गोलियां लगने की पुष्टि की। इनमें से एक गोली ही भेजा फाड़कर निकली थी। बाकी तीन गोलियां अलग तमंचों से पीठ में मारी गईं। इनमें दो गोली ऊपरी हिस्से में तो एक निचले हिस्से में लगी। गोलियों को खोजने में टीम को काफी दिक्कत हुई।
जनाजा देखने पहुंची भीड़, लॉकडाउन टूटा
भाजपा नेता डंपी का शव कब्रिस्तान ले जाने से पहले करीब पांच सौ लोगों की भीड़ उनके दरवाजे पर पहुंच गई। ऐसे में यहां सुरक्षा बंदोबस्त के लिहाज से मौजूद पुलिस को लॉकडाउन उल्लंघन का खतरा महसूस हुआ। तब पुलिस ने परिवार के जरिये लोगों से अपने घरों को जाने की अपील कराई। इसके बावजूद करीब सौ लोग जनाजे के साथ गौंटिया के कब्रिस्तान तक पहुंचे। साथ मौजूद पुलिस ने लोगों को दूर दूर रखने का काफी प्रयास किया पर लॉकडाउन टूटता नजर आया।
सनकी हैं हत्यारे, तीसरे फौजी भाई ने पिछले साल की थी मजदूर की हत्या
- भाजपा नेता डंपी के हत्यारे पूर्व फौजी भाई बेहद सनकी किस्म के हैं। सिराजुद्दीन और इसामुद्दीन पब्लिक के साथ ही पुलिस पर फायरिंग कर मारपीट करने के लिए कुख्यात हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि इसामुद्दीन से करीब चार साल पहले पूर्व पार्षद मुन्ने का झगड़ा हो गया था। तब मुन्ने ने इसामुद्दीन के हाथ में कुछ मार दिया था। बाद में दोनों भाइयों ने अपने साथियों के संग गमी में जा रहे मुन्ने को पकड़कर उसी हाथ पर कई प्रहार करके तीन जगह से तोड़ दिया था। मुन्ने को इतनी बेरहमी से मारा कि वह दिव्यांग हो गए। इनके परिवार के भाई रिटायर फौजी रफीक अहमद ने पिछले साल अपने दरवाजे पर फायरिंग करके अपने यहां मारबल की घिसाई करने वाले मजदूर की हत्या कर दी थी। मजदूर करीब पांच हजार रुपये बकाया लेने आया था।
बेटियां बोलीं- फांसी दो, साढ़ू ने मांगी सुरक्षा
डंपी की बेटी रुखसाना और तबस्सुम ने आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। वहीं, वसीम का कहना था कि साढ़ू डंपी ही उसका और परिवार का सहारा थे। उनकी हत्या और आरोपियों के फरार होने के बाद से परिवार दहशत में है। पूरे परिवार को सुरक्षा दी जाए। साथ ही अज्ञात आरोपी के तौर पर भमोरा थाना क्षेत्र के एक प्रधान का नाम बताया। कहा कि वह सिराजुद्दीन का मौसेरा भाई है। वह भी हत्या के वक्त मौजूद था। अफसरों को बताकर उसका नाम जुड़वाएंगे।
भाजपा नेता की हत्या में दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। बाकी को भी पुलिस जल्दी पकड़ लेगी। लगातार दबिश दी जा रही हैं। - शैलेश पांडेय, एसएसपी