बरेली। कोरोना संक्रमितों की सूची में सपा सरकार में दर्जा राज्यमंत्री रहे कांकरटोला के पूर्व विधायक और उनकी पत्नी भी शामिल हो गई हैं। इसके अलावा रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर व भाजपा नेत्री और उनके दो बच्चों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। उधर, जिला जेल में कोरोना ने फिर दस्तक दी है। इसके अलावा हाइडिल कॉलोनी में और सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी समेत 126 की संक्रमित मिले हैं।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के मुताबिक, चनेहटी प्रकाश कॉलोनी में एक, नई बस्ती में दो, आदर्श नगर, बांके की छावनी, सुरेश शर्मा नगर, क्यारा में एक, सिद्धार्थ नगर में तीन, साहूकारा किला, कर्मचारी नगर, प्रियदर्शनी नगर, रामपुर कॉलोनी हाइडिल, निजी अस्पताल राजेंद्र नगर, जनकपुरी, रामपुर गार्डन, बानखाना, उमरिया, इफको टाउनशिप, किछा, सिविल लाइंस, कटरा मेमरान, स्टेडियम रोड, हार्ट सिटी, सीबीगंज, ख्वाजा कुतुब, वनखंडी मंदिर के समीप, अलीगंज, विनायक, सिंधु नगर, जनकपुरी, प्रेमनगर, वीरसावरकर नगर, महानगर, अशोक नगर, हार्टमन, मीरगंज, पंखुरी, भमौरा, जोगी नवादा में एक, सुभाष नगर में तीन, शेरगढ़ में दो, नकटिया, प्रोफेसर कॉलोनी, नई बस्ती में दो, लल्ला मार्केट में तीन, भोजीपुरा में दो, रामायण विहार, चाहबाई, बांके की छावनी, सिद्धार्थनगर में तीन, साहूकारा में दो, मलूकपुर, कर्मचारीनगर, प्रियदर्शिनीनगर में एक संक्रमित मिला है।
सेना के चार जवान भी संक्रमित
सेना में कोरोना की दहशत जारी है। रविवार को फिर सेना के चार जवान संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा सीएचसी बहेड़ी में दो, भोजीपुरा में एक स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिला है। उधर, बदायूं, रानीखेत अल्मोड़ा, मुरादाबाद, लखीमपुर खीरी, नैनीताल के भी एक-एक संक्रमित हैं।
विधायक की 90 वर्षीय मां ने कोरोना को हराया
बरेली। बिथरी विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल की मां ने कोरोना से जंग जीत ली। करीब 90 वर्षीय कृष्णा देवी की रिपोर्ट बीते दिनों पॉजिटिव आई थी और वह होम आइसोलेशन में थीं। इस दौरान उन्होंने कोविड नियमों का पूरा पालन किया। विधायक ने बताया कि तबियत खराब होने पर मां की कोरोना जांच कराई गई थी और संक्रमण की पुष्टि हुई। अब उनकी रिपोर्ट अब कोरोना निगेटिव आई है। वह स्वस्थ हैं। ब्यूरो
जांच रिपोर्ट: इलाज में अस्पताल ने नहीं की अनदेखी और वसूली
बरेली। करीब माह भर पहले स्टेट बैंक कॉलोनी के मृतक संक्रमित मृतक के परिजनों की ओर से दर्ज कराई शिकायत की जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में अस्पताल की ओर से इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं मिली और न ही अधिक रूपए वसूलने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक मरीज की मौत की सूचना विभाग को देने में देरी हुई थी क्योंकि अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन था और रविवार का दिन था। बता दें कि मृतक के परिजनों का आरोप था कि कोरोना संक्रमित के इलाज में बड़ी लापरवाही की गई जिससे उसकी मौत हुई थी। इलाज के रुपए भी ज्यादा लिए थे। एसीएमओ डॉ. आरएन गिरी ने जांच रिपोर्ट में निष्कर्ष दिया है कि अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई और न ही रूपए वसूले गए हैं। जांच रिपोर्ट परिजनों को भी बताई गई है। ब्यूरो
कंट्रोल पैनल का इंतजार बरकरार
बरेली। कोविड एल-2 बनाए जा रहे तीन सौ बेड अस्पताल में ऑक्सीजन सिस्टम का काम लगभग पूरा हो रहा है मगर ऑटोमैटिक कंट्रोल पैनल न होने की वजह से उसके संचालन को लेकर असमंजस है। सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य ने सीएमओ को उपकरण मुहैया कराने के लिए कहा है। बताया कि बदायूं से 18 चिकित्सकों की तैनाती हो चुकी है। कंट्रोल पैनल लगने के बाद आईसीयू शुरू हो जाएगा। हालांकि, पैथोलॉजी, एक्सरे मशीन, फिजीशियन और एनेस्थेटिक की तैनाती का कार्य भी शेष रह गया है। ब्यूूरो