भाजपा सांसदों के काफिले को रोकने गए अफसरों को भाजपा सांसदों और खास कर शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज ने तीखे तेवर दिखाए। पसराखेड़ा से लेकर पुलिस लाइन तक वो अफसरों पर हावी रहीं। बरेली पुलिस का तरीका अजीब है। मारती है और रोने भी नहीं देती। अफसरों का रवैया देखकर हमने बिना जांच किए रिपोर्ट की लाइन सोच ली है।
परसाखेड़ा तिराहा पर करीब पौन घंटा तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। कृष्णाराज ने गाड़ी से उतरते ही एसपी सिटी पर सवालों की झड़ी लगा दी। कहा, इतनी फोर्स क्यों लगाई है? क्या फिर से लाठीचार्ज की तैयारी है। इस पर एसपी सिटी ने जवानों से हट जाने को कहा। जवान दूर हट गए। कृष्णाराज फतेहगंज जाने की जिद पर अड़ी रहीं। एसपी सिटी के मना करने पर सांसद ने कहा कि एसएसपी धर्मवीर मुलायम सिंह के इशारे पर काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री शह दे रहे हैं। पुलिस लाइन सभागार में भी एसपी देहात से बीएल वर्मा की लंबी बहस हुई। सांसद भोला सिंह बोले कि मामला संसद में उठाया जाएगा। एसपी देहात ने नेताओं को आश्वस्त किया कि स् किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्व मंत्री बहोरनलाल मौर्य, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, शहर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा, अजय राजपूत आदि कई कार्यकर्ता साथ थे।
बस और टेंपो तक खंगाले
सीबीगंज। नेताओं के फतेहगंज की ओर निकलने की सूचना के बाद सीबीगंज से लेकर परसाखेड़ा तक कई जगह पुलिस तैनात कर दी गई। साढ़े तीन बजे के बाद पुलिस ने प्राइवेट, रोडवेज बसों से लेकर टेंपो तक खंगाले गए। करीब पौने चार बजे एसपी सिटी सीबीगंज से फोर्स लेकर बाईपास के परसाखेड़ा तिराहे पर पहुंचे। उन्होंने एसपी देहात को भी बुला लिया। इस बीच काफिला आता दिखा और उसे रोक लिया गया।
मेनका की गाड़ी रोकी
फतेहगंज। साढ़े तीन बजे करीब पीलीभीत सांसद मेनका गांधी की गाड़ी बाईपास से निकली तो अफसरों ने पहले गाड़ी रोक ली। तब सांसद के प्रतिनिधि सतीश यादव ने बताया कि मैडम दिल्ली जा रही हैं। इस पर अफसरों ने रास्ता छोड़ दिया।