पीड़िता के भाई के खिलाफ दर्ज कराई थी गोली मारने की रिपोर्ट
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पुलिस ने कहा- न मेडिकल में गोली की पुष्टि न घटनास्थल पर मिले प्रमाण
बरेली। भाजपा नेता शारिक ने अपने भाई के खिलाफ दर्ज छेड़खानी के मामले में समझौता करने का दबाव बनाने के लिए पीड़िता के भाई के खिलाफ गोली मारने की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन के बाद पूरे प्रकरण को पुलिस ने भाजपा नेता का ड्रामा करार दिया है। पुलिस का कहना है कि शारिक को गोली मारे जाने की न मेडिकल में पुष्टि हुई न घटनास्थल पर ही कोई सबूत मिला।
पुराना शहर के रोहली टोला में रहने वाले भाजपा नेता शारिक ने रविवार रात पुराना शहर के मोहल्ला बुखारपुरा में खुद पर फायरिंग किए जाने और गोली लगने से घायल होने का आरोप लगाकर थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से इस मामले में छानबीन करने में लगी हुई थी। इंस्पेक्टर बारादरी नीरज मलिक ने बताया कि शारिक का मेडिकल कराया गया लेकिन उसमें गोली से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई। बताए गए घटनास्थल पर भी कई लोगों के बयान दर्ज किए लेकिन किसी ने ऐसी कोई घटना होने की बात नहीं कही।
इंस्पेक्टर बारादरी के मुताबिक शारिक ने जिस व्यक्ति पर गोली मारने का आरोप लगाया है, उसने कुछ दिन पहले शारिक और उसके भाई आरिफ के खिलाफ अपनी बहन से छेड़खानी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस केस में शारिक का नाम तो निकल चुका है लेकिन आरिफ के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई थी। अब तक की जांच में पता चला है कि शारिक पीड़िता के भाई पर समझौते का दबाव बना रहा है। पुलिस की जांच अभी चल रही है।