बुजुर्ग की बेटी की ससुराल के साथ शहर के दो निजी अस्पतालों पर भी शक की नजर
दोनों अस्पतालों के स्टाफ, परिवार के साथ बेटी की ससुराल वालों भी लिए जाएंगे सैंपल
बरेली। हजियापुर और ब्रह्मपुरा के संक्रमितों की चेन खोजने में नाकाम रहे स्वास्थ्य विभाग के सामने अब साहूकारा के संक्रमित बुजुर्ग के संक्रमण की चेन खोजने की नई चुनौती है। बुजुर्ग के हाल-फिलहाल कहीं यात्रा करने की पुष्टि न होने के बाद सर्विलांस टीम का शक उन अस्पतालों पर भी है जहां वह मौत से पहले भर्ती रहे थे। इसके अलावा मीरगंज में बेटी की ससुराल में संक्रमित होने की भी आशंका जताई जा रही है, हालांकि वहां किसी और में संक्रमण की पुष्टि न होने की वजह से इसे दूर की कौड़ी माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की आईडीएसपी के प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास, डॉ. अनुराग और उनकी टीम संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश कर रहा हैं। रविवार को आईवीआरआई से आठ संक्रमितों की रिपोर्ट मिली थी। इनमें से सात संक्रमित प्रवासी थे लिहाजा सर्विलांस टीम के टीम के सामने सिर्फ साहूकारा के 70 वर्षीय उन बुजुर्ग के संक्रमण की चेन ढूंढने की चुनौती है जिनकी मौत हो चुकी है। आईडीएसपी की ओर से अब तक की छानबीन के बाद सोमवार को अहम सुराग लगने का दावा किया गया। बताया गया कि बुजुर्ग लॉकडाउन के बीच 12 अप्रैल को साहूकारा से मीरगंज के सिंधौली बेटी की ससुराल गए थे। सर्विलांस टीम को आशंका है कि बुजुर्ग की ट्रेवल हिस्ट्री न होने के कारण उनके सिंधौली में बेटी की ससुराल में किसी संक्रमित के संपर्क में आने की काफी संभावना है। सर्विलांस टीम के डॉ. अनुराग के मुताबिक मीरगंज में अब तक एक प्रवासी समेत दो संक्रमित मिल चुके हैं।
इसके अलावा सर्विलांस टीम की उन निजी अस्पतालों पर भी शक की नजर हैं जहां मौत से पहले बुजुर्ग का इलाज हुआ था। इनमें से स्टेडियम रोड के एक अस्पताल में पहले भी संक्रमित मिले लोगों की आवाजाही की पुष्टि हो चुकी है। इससे पहले पीलीभीत बाईपास के अस्पताल में किडनी रोग से ग्रसित बुजुर्ग 13 मई को आए थे। तब उनके पैरों में काफी सूजन थी। लगातार दवा के बावजूद आराम न मिलने पर परिवार उन्हें दो दिन बाद स्टेडियम रोड के अस्पताल में ले आया था। 19 मई को बुजुर्ग की हालत काफी खराब हो गई। 20 मई को उनका सैंपल लिया गया लेकिन इसी दौरान उनकी मौत हो गई। 24 मई को सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर हड़कंप मच गया। सर्विलांस टीम के मुताबिक बुजुर्ग के परिवार के लोगों के साथ बेटी की ससुराल वालों और दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के भी सैंपल लिए जाएंगे।
बुजुर्ग की मौत से विकास भवन में भी हड़कंप
साहूकारा के कोरोना संक्रमित बुजुर्ग का भतीजा भोजीपुरा में ग्राम विकास अधिकारी पद पर तैनात है। बुजुर्ग के संपर्क में होने के बाद भी वह लगातार अपने कार्यालय में ड्यूटी कर रहा था। ग्राम विकास अधिकारी के संक्रमित बुजुर्ग के संपर्क में होने की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को विकास भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। एहतियातन सोमवार को भोजीपुरा कार्यालय पर कार्यरत 25 कर्मचारियों को सर्विलांस टीम ने विकास भवन बुलाकर मेडिकल मोबाइल यूनिट से सैंपलिंग कराई। इस दौरान विकास भवन में अफरा तफरी का माहौल रहा।
महिला अस्पताल में दो डॉक्टरों समेत 13 क्वारंटीन
बगैर किसी एहतियात के ही कोरोना संक्रमित गर्भवती का प्रसव कराने और फिर उसे प्राइवेट वार्ड में भर्ती कर दिया जाना महिला अस्पताल पर भारी पड़ गया है। रविवार देर रात तक संक्रमित प्रसूता के संपर्क में आने वाली सभी स्टाफ की लिस्ट तैयार कराई गई फिर इसके मुताबिक दो महिला डॉक्टर, चार नर्सिंग स्टाफ और सात वार्ड आया को क्वारंटीन कर दिया गया। संक्रमित महिला को मेडिकल कॉलेज और उसके परिवार के लोगों को तीन सौ बेड अस्पताल में क्वारंटीन किया गया है। सोमवार को महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. अलका शर्मा समेत संक्रमित प्रसूता के संपर्क में आने वाले 18 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
बरेली की सूची में दर्ज नहीं होगी संक्रमित प्रसूता
जिला सर्विलांस एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के मुताबिक जिला महिला अस्पताल में भर्ती संक्रमित प्रसूता गोंडा की रहने वाली है। जो दिल्ली से वापस अपने घर जा रही थी। रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर वह अस्पताल में भर्ती थी। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अब उसके संक्रमण की सूचना गोंडा के सीएमओ को दे दी गई है। बताया कि बरेली की संक्रमितों की सूची में प्रसूता का नाम दर्ज नहीं किया जाएगा