बरेली। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने स्पष्ट किया कि शासन और डीजीपी की प्राथमिकता है कि फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका निस्तारण किया जाए। ऐसे में अधिकारी हों या थाना प्रभारी, रोजाना दो से तीन घंटे शिकायतों को सुनें। आईजी डॉ. राकेश सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद डीआईजी अजय कुमार साहनी को उनके स्थान पर तैनाती मिली है। बुधवार रात बरेली पहुंच कर उन्होंने कार्यभार संभाल लिया।
नवागत डीआईजी ने कहा कि बीट प्रणाली पुलिस विभाग की रीढ़ है। बीट प्रणाली को मजबूत किया जाएगा और पांच-पांच सिपाहियों को अचानक बुलाकर बीट बुक चेक की जाएगी। उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार और अपराध नियंत्रण के लिए काम किए जाएंगे।
डीआईजी ने साफ किया है कि बरेली और शाहजहांपुर के मादक पदार्थ तस्करों और उनके मददगारों पर बड़ी कार्रवाई करेंगे। पांच साल में जो भी तस्कर पकड़े गए हैं, पुलिस उनकी कुंडली खंगाल रही है। ऐसे इनपुट मिले हैं कि यहां के तस्कर झारखंड के तस्करों से गठजोड़ कर उत्तराखंड, पंजाब और सहारनपुर आदि क्षेत्रों में तस्करी करते हैं उनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी की जाएगी। संवाद