बरेली। रामगंगानगर के सेक्टर दो स्थित बीडीए का नया दफ्तर सोमवार को आबाद हो गया। पहले दिन तीन पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय पहुंचे। संपत्ति विभाग में भूखंड खरीदने के लिए जरूरी जानकारी ली। कुछ लोग सचिव से मिलने पहुंचे। मुख्य नगर नियोजक की आपत्ति से मानचित्र फंसने की जानकारी देकर समाधान की मांग की। सचिव ने उनको समाधान का आश्वासन दिया है।
बीडीए का कार्यालय अब तक प्रियदर्शनीनगर में संचालित हो रहा था। रामगंगानगर की रामायण वाटिका के निकट 45 करोड़ की लागत से नया कार्यालय तीन साल में बनकर तैयार हुआ है। करीब एक महीने से पुराने कार्यालय से नए में शिफ्टिंग की जा रही है। इस बीच सोमवार से प्रियदर्शनीनगर में काम बंद हो गया। अब रामगंगानगर स्थित नए कार्यालय में बीडीए ने कामकाज शुरू कर दिया है। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए सुबह दस बजे कार्यालय पहुंच गए। रामगंगानगर के लोगों ने उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं और इलाके का विकास तेज होने की उम्मीद जताई।
हालांकि, नए कार्यालय में फिनिशिंग के कार्य अभी अधूरे हैं, जिन्हें तेजी से पूरा कराया जा रहा है। सभाकक्ष में लगातार काम चल रहा है। सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि किस तल पर कौन अधिकारी मिलेंगे? इसकी जानकारी देने के लिए भूतल पर बोर्ड लगाया जाएगा। जल्दी ही टोल फ्री नंबर भी चालू हो जाएगा।
आरएफसी दफ्तर तीन महीने में हो सकता है शिफ्ट
संभागीय खाद्य नियंत्रक का दफ्तर तीन महीने में रामगंगानगर में शिफ्ट हो सकता है। किराये के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पत्रावली शासन तक जाएगी। एनओसी मिलने पर कार्यालय शिफ्ट होगा। इसमें तीन माह लग सकते हैं। ब्यूरो
रामगंगानगर आवासीय योजना के बीच में ही दफ्तर बनने से आवंटियों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को सहूलियत हो गई है। अब आवासीय योजनाओं को तेजी से विकसित किया जा सकेगा। - मनिकंडन ए, उपाध्यक्ष, बीडीए