साफ साफ कहें तो तो जिला पंचायत में बड़े नेताओं को पहले ही काफी सेवा कर चुके संजय सिंह पर अब दबाव है कि बतौर अध्यक्ष जो भी करें पूछ कर करें नहीं तो चलने नहीं देंगे। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक के बहिष्कार के अब सियासी हलकों में यही निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। शपथ ग्रहण के बाद पिछले तीन महीने में अध्यक्ष संजय सिंह की कार्यशैली पार्टी नेताओं को रास नहीं आ रही। अंदरखाने अध्यक्ष ने कुछ निर्णय ले लिए, जिन पर सपा नेताओं से राय नहीं ली गई। पिछले वित्तीय वर्ष के बचे 12 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाने की बात हो या ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, पार्टी के बड़े नेताओं को इससे दरकिनार रखा गया। कुछ सदस्य कह रहे हैं कि कामों के प्रस्ताव तो लिए गए लेकिन उनको कार्ययोजना में शामिल करने पर भी विचार नहीं हुआ। नए ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अध्यक्ष ने शुरू तो कर दी लेकिन नेताओं से यह नहीं पूछा कि उनके किन ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन होने हैं।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी के एक मौजूदा विधायक तथा एक पूर्व विधायक ने अपने चहेते ठेकेदारों से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कराया लेकिन अध्यक्ष ने उनको कोई तवज्जो नहीं दी। नाराजगी इन्हीं कारणों से बढ़ती गई। सपा के दो नेता अपनी सियासी अदावत के चलते पूर्व अध्यक्ष नीरू पटेल के कार्यकाल के ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कराना चाहते हैं। इसको लेकर वह अध्यक्ष संजय पर लगातार दबाव बनाए हुए थे लेकिन वह लगातार टालमटोल कर रहे थे। अध्यक्ष संजय चुनाव से पहले सपा में आए और आरक्षण की वजह से उनको प्रत्याशी बनने का मौका मिल गया लेकिन पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव समेत कई सपा के नेता ओबीसी आरक्षण होने की उम्मीद लगाकर जिला पंचायत पर अपना कब्जा चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका तो संजय के जरिए उन्होंने यह उम्मीद लगाई लेकिन अब इन नेताओं को संजय सिंह की कार्यशैली रास नहीं आ रही है तो वर्चस्व के लिए दबाव की रणनीति अपनाई जा रही है।
इंसेट...
मछली पालन ठेके पर नजर
बरेली। जिला पंचायत की ओर से जिले की लगभग 60 नदियों में मछली पालने के लिए दिए गए ठेके पर सवाल खड़े किए गए हैं। फरवरी में यह ठेका 1.80 लाख रुपये में बरेली के सुखवीर को दिया गया। आलमपुर जाफराबाद के ब्लाक प्रमुख आदेश प्रताप सिंह गुड्डू ने बोर्ड की बैठक में भी यह मामला उठाया था। उनका आरोप है कि ठेका आचार संहिता के दौरान कर दिया गया। हालांकि इन आरोपों को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी रामपाल सिंह यादव गलत बताते हैं। वह कहते हैं कि कोई भी इसकी फाइल देख सकता है, ठेका पूरी प्रक्रिया से किया गया है। इसमें आचार संहिता का कोई मतलब नहीं है।
फार्म के काम पर भी सवाल
अध्यक्ष संजय सिंह के फरीदपुर के पास नवादा वन गांव स्थित फार्म पर हो रहे निर्माण के बारे में कुछ लोगों का कहना है कि अध्यक्ष यह काम जिला पंचायत के कोटे से करा रहे हैं अध्यक्ष संजय सिंह इसे गलत बताते हैं। उनका कहना है कि वह अपना आधा फार्म हाउस बेच चुके हैं, जिन्होंने लिया है, वही काम करा रहे हैं। उससे हमारा या जिला पंचायत का कोई लेनादेना नहीं है।
कोट...
हमारी पार्टी के लोगों को खुद सोचना चाहिए कि वह अपनी पार्टी के ही जिला पंचायत अध्यक्ष पर सवाल उठा रहे हैं। इससे अच्छा संदेश नहीं जाता है। हम तो सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं लेकिन ऐसे हालात में कुछ कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। पार्टी हाईकमान तक भी बात पहुंच गई होगी।
-संजय सिंह, अध्यक्ष