बरेली। अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध की आशंका के चलते पहले से ही मुकम्मल इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात करने के साथ ही कोतवाली से शुरू होने वाले महादेव सेतु से ही भारी वाहनों का प्रवेश बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया गया।
पुल के दूसरी ओर धर्मकांटे की ओर जाने वाली रोड पर बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि बाइक व कार चालक उस तरफ न जा सकें। इसी सड़क पर धर्मकांटा चौराहा के पास भी बैरिकेडिंग लगाई गई।
स्कूली की छुट्टी होने के बाद वाहन चालकों को बच्चों को पैदल ही घरों तक छोड़ना पड़ा। आसपास के कई लोग अपनी कारों को कुछ दूरी पर सड़क के किनारे पार्क करके पैदल ही घर की ओर जाते दिखे।
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नहीं मिला सामान निकालने का मौका
बरेली। नगर निगम की ओर से अतिक्रमण ध्वस्त करने के दौरान मंगलवार को व्यापारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वर्षों की मेहनत से बनाई गई दुकान को अपने आंखों के सामने टूटता देखा कई व्यापारियों की आंखों से आंसू छलक आए।
कहा कि जीवन भर की कमाई चली गई, अब राेजीरोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदार आरिफ ने बताया कि 30 साल से यहां दुकान संचालित कर रहे हैं। अगर दुकान अतिक्रमण करके बनाई गई थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
कुछ लोगों का आरोप था कि निगम कार्रवाई में भेदभाव कर रहा है। इसी रोड पर फर्नीचर की दुकान संचालित करने वाले दुकानदार बुलडोजर न चलाने की गुहार लगाते रहे, मगर टीम ने उन्हें अनसुना करके दुकान का शटर और छज्जा गिरा दिया।
कार्रवाई के दौरान कई महिलाएं भी विरोध में आईं लेकिन पुलिस से उन्हें हटा दिया। नगर निगम के एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि भेदभाव का आरोप गलत है। जो दुकानें शेष हैं, जल्द ही उन पर भी कार्रवाई होगी।