नए उद्योगों के लिए बंद इकाइयों की जमीन लैंड पूल में होगी शामिल
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नोडल अफसर सहगल ने कहा- नए सिरे से होगी समीक्षा, संतोष गंगवार भी करेंगे मदद
बरेली। बहेड़ी में ढाई सौ एकड़ जमीन पर कई अरब की लागत से प्रस्तावित मेगा फूड पार्क परियोजना की नए सिरे से समीक्षा होगी। जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने रविवार को कहा कि शासन चाहता है कि ऐसी बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो ताकि लॉकडाउन में आए प्रवासी मजदूरों को भी रोजगार दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि मेगा फूड पार्क के बारे में उनकी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से भी बात हुई है। अड़चनों को दूर कर जल्द ही प्रोजेक्ट पर रुके कामों को शुरू कराया जाएगा। बहेड़ी के मुड़िया मुकर्रमपुर में छह साल से मेगा फूड पार्क विकसित करने की कवायद चल रही है। प्रशासन ने इसके लिए सीलिंग की 250 एकड़ जमीन राज्य औद्योगिक विकास निगम को हस्तांतरित की थी, फिर भी यहां अब तक एक भी फूड प्रोसेसिंग यूनिट नहीं लग पाई। उद्यमी यहां मुख्य मार्ग से संपर्क, पानी की सप्लाई और ड्रेनेज सिस्टम समेत कई और सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं लेकिन ये सुविधाएं भी प्रशासन मुहैया नहीं करा पाया है।
नोडल अफसर सहगल ने पत्रकारों को बताया कि इस प्रोजेक्ट की अब नए सिरे से समीक्षा होगी। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए सरकार से हर संभव मदद दिलाने को कहा है। लॉकडाउन में नए औद्योगिक इलाके विकसित करने के लिए रबर फैक्टरी और आईटीआर जैसी पुरानी बंद इकाइयों की जमीनों को चिह्नित कर लैंड बैंक बनाए जाने के सवाल पर सहगल ने कहा कि रबर फैक्टरी की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। फिर भी कोशिश होगी कि नए उद्योगों के लिए ज्यादा से ज्यादा जमीनें चिह्नित हों।