मंदिरों को सजाने-संवारने और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए कार्ययोजना बनाने वाले वास्तुविद सुमित अग्रवाल ने कहा कि मंडल के तमाम लोग दूसरे राज्यों और विदेश में बस गए। इनके साथ सनातन को मानने वाले लोगों का आकर्षण नाथ नगरी के मंदिर विकसित होते ही बढ़ेगा। ग्रेटर बरेली में विकसित हो रहा रुद्रावनम और नाथ म्यूजियम परियोजना इसे विस्तार देगी। आने वाले दिनों में शिव और उनसे जुड़े प्रतीकों की वजह से शहर को नई पहचान मिलेगी।
महाभारतकालीन हैं तीन नाथ मंदिर
शहर के सात नाथ मंदिरों में तीन, अलखनाथ, मढ़ीनाथ और तपेश्वरनाथ मंदिर महाभारत काल के हैं। आवागमन की सुविधाएं न होने की वजह से अभी तक देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं न के बराबर आते हैं। अब यह संख्या बढ़ाने के लिए नाथ कॉरिडोर की की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। इसमें शिव मंदिर भी विकसित होंगे। एक साल में काम पूरा कराने की तैयारी है।
फोकस वॉल पर पहली डिजाइन में शिव परिवार की कांस्य कलाकृति के साथ ही दोनों ओर कलश, त्रिशूल, डमरू आदि उकेरे जाएंगे। फोकस वॉल की दूसरी डिजाइन में शिव का तांडव करता अक्स दिखेगा। मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, सुरेश शर्मानगर, डीडीपुरम, सौ फुटा तिराहा, एयरपोर्ट, स्टेडियम सहित शहर में 19 स्थानों पर फोकस वॉल को भित्ति चित्रों और नक्काशीदार शिल्प से सजाया जाएगा।