अयोध्या की तर्ज पर ही अब बरेली का भी विकास किया जाएगा। इसके लिए बरेली विकास प्राधिकरण को शहर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्लान तैयार करना होगा। प्लान पर चर्चा और सुझाव के लिए गुरुवार को बीडीए ने बैठक की। इसमें शामिल व्यापारी, बिल्डर और मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े लोगों समेत 14 विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के सुझाव लिए गए।
सरकार ने अयोध्या की तर्ज पर प्रदेश के 15 जिलों का विकास कराने का फैसला किया है। इसमें बरेली भी शामिल है। सरकार ने शहर के उद्योग, व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर इस पर विकास प्राधिकरणों से रिपोर्ट मांगी है। इसी संबंध में गुरुवार को बरेली विकास प्राधिकरण ने बैठक बुलाकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए। प्लान में ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के विकास पर फोकस किया जाएगा। शासन ने प्राधिकरण को कंसलटेंट नियुक्त करके डीपीआर बनाने के निर्देश दिए हैं। समग्र रिपोर्ट 31 मई तक मांगी है।
बीडीए ने किए सौ करोड़ के भूखंड नीलाम
बरेली विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को रामगंगानगर आवासीय योजना के विभिन्न सेक्टरों में रिक्त भूखंडों की लकी ड्रॉ के माध्यम से नीलामी की। 31 दिसंबर तक इनका पंजीकरण हुआ था। योजना में 568 लोगों ने पंजीकरण कराया था। बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि लकी ड्रॉ के माध्यम से भूखंडों की नीलामी की गई है। इससे प्राधिकरण को सौ करोड़ की आय हुई है। वीसी ने लोगों को गंगा, कावेरी और नर्मदा प्रोेजेक्ट के बारे में बताया। कहा, जल्द ही आवासीय योजना पर काम शुरू हो जाएगा। ब्यूरो