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बरेली बवाल: चार पार्षद समेत 76 लोग पुलिस के रडार पर, भीड़ जुटाने का आरोप; शहर के इन मोहल्लों में कड़ी निगरानी

Mon, 29 Sep 2025 01:16 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में बवाल के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन 77 लोगों की मदद से भीड़ जुटाई गई थी। इनमें पांच पार्षद भी शामिल हैं। एक पार्षद अनीस सकलैनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। 
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बिहारीपुर ढाल पर तैनात पुलिस बल और अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में बवाल के मामले में प्रशासन की मनाही के बावजूद भीड़ को खलील स्कूल तिराहे की ओर भेजने में सात थाना क्षेत्र के 77 लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें पांच पार्षद भी शामिल हैं। एक पार्षद को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब चार पार्षदों सहित 76 लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साक्ष्य के आधार पर पुलिस संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

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शहर में शुक्रवार को हुए बवाल को लेकर पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, एलआईयू के इनपुट और सर्विलांस की मदद से पता चला है कि कोतवाली, किला, प्रेमनगर, सीबीगंज, बारादरी, इज्जतनगर और कैंट थाना क्षेत्र के 77 लोगों की मदद से बवाल के लिए भीड़ जुटाई गई थी। इनमें से 55 को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां ने व्हाट्सएप कॉल की थी। इनमें से पार्षद अनीस सकलैनी को पुलिस शनिवार को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य लोगों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। सभी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। 

पुलिस अफसरों ने किया रूट मार्च - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि साजिश रच कर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया था। साजिश रचने वालों में से कुछ भीड़ के बीच थे और कई पर्दे के पीछे थे। ऐसे 77 लोगों को चिह्नित  किया गया है। उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य के साथ कार्रवाई की जाएगी।
 

बरेली में बवाल के बाद गिरफ्तारी आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों की संपत्ति की जांच के लिए पुलिस ने शुरू किया पत्राचार
शहर में शुक्रवार को हुए बवाल को लेकर पुलिस ने तौकीर रजा समेत अन्य आरोपियों की संपत्ति की जांच के लिए बीडीए और राजस्व के साथ ही अन्य विभागों से पत्राचार शुरू कर दिया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि कोतवाली, बारादरी, प्रेमनगर, किला और कैंट थाना क्षेत्र में बवाल के आरोपियों के करीबियों के लॉन, बरातघर और होटलों की जांच के लिए भी संबंधित विभागों को लिखा गया है। अब तक 15 से ज्यादा ऐसी संपत्तियां प्रकाश में आ चुकी हैं। 

Bareilly Violence - फोटो : अमर उजाला
इधर, बवाल के नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही सभी आरोपियों पर कानून का शिकंजा कस दिया जाएगा। कुछ आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार लोकेशन बदल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया है। जल्द ही नतीजे सामने आएंगे।

बरेली में तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अवैध धंधे और कब्जे की भी हो रही पड़ताल
पुलिस अफसरों ने बताया कि बवाल में जितने भी लोग जेल भेजे जा रहे हैं, उनके अवैध धंधों का पता लगाया जा रहा है। आय के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किसी ने सार्वजनिक या किसी की निजी जमीन और मकान-दुकान पर कब्जा तो नहीं कर रखा है। जेल भेजे गए जिन आरोपियों की शहर का माहौल बिगाड़ने में पहले भी संलिप्तता उजागर होगी, पुलिस उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति भी कुर्क कराई जाएगी।
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पैदल मार्च करते डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
22 मोहल्लों की टोह ले रही खुफिया इकाई
शहर में बवाल के बाद सौदागरान, स्वालेनगर, जखीरा, सराय, आजमनगर, सैलानी (रजा चौक), एजाजनगर गौटिया, जगतपुर, ठिरिया निजावत खां, रबड़ी टोला, सूफी टोला, रोहली टोला, चक महमूद, जोगी नवादा, कांकर टोला, शहबाद, बानखाना, जखीरा, गुलाबनगर, कसाई टोला, झंडा और हजियापुर मोहल्लों पर पुलिस की नजर है। एलआईयू यहां के माहौल की टोह ले रही है। थानाध्यक्षों के अनुसार, इन मोहल्लों की संदिग्ध गतिविधियों वाले और विशेष रूप से सीएए-एनआरसी के विरोध-प्रदर्शन में सक्रिय रहे लोगों की अतिरिक्त सतर्कता के साथ निगरानी की जा रही है।

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