फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Madrasa Act: 'मदरसों के वजूद के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक', बरेलवी उलमा ने जताई खुशी

Tue, 05 Nov 2024 04:28 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

UP Madrasa Act News: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए यूपी मदरसा एक्ट को संवैधानिक करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए बरेलवी उलमा ने खुशी जताई है। जानिए किसने क्या कहा... 
विज्ञापन
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से मदरसों के वजूद को खतरा हो गया था। यूपी मदरसा बोर्ड एक्ट को गैर संवैधानिक बताया गया था। मगर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मदरसों के वजूद और शिक्षा के गुणवत्ता के बढ़ावे के लिए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इससे लाखों छात्र-छात्राओं और हजारों शिक्षकों को बड़ी खुशी हुई है। मुस्लिम जमात इस फैसले का स्वागत करती है। हमें सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ पर आधारित फैसले की उम्मीद भी थी।

विज्ञापन


सलमान मियां ने किया फैसले का स्वागत 
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान (सलमान मियां) ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस व बेंच के सभी जजों ने शिक्षा के महत्व को समझा व उसके अधिकार को जानते हुए जिस तरह से यह फैसला लिया गया, उससे अल्पसंखयकों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और शिक्षा पर अधिक जोर दिया जाएगा। 

यह भी पढ़ें- UP News: 'बंटेंगे तो कटेंगे' के बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन ने किया सीएम योगी का समर्थन, कह दी बड़ी बात
विज्ञापन

 

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया यह फैसला 
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड एक्ट 2004 को संवैधानिक करार दिया। कहा कि इस कानून के तहत मदरसों को रेगुलेट करना सरकार का अधिकार माना है। यूपी के 16000 से अधिक मदरसों में पढ़ने वाले 17 लाख छात्रों को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राहत मिली है। बरेली मरकज़ के उलमा ने इस फैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर की है। बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 22 मार्च को यूपी मदरसा बोर्ड एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए सभी छात्रों का दाखिला सामान्य स्कूलों में करवाने का आदेश दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पांच अप्रैल को हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी।

खबर से संबंधित वीडियो 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें