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बरेली: एमबीबीएस में एडमिशन का झांसा देकर डॉक्टर से ढाई लाख ठगे, पांच लाख रुपये में किया था सौदा

Wed, 13 Apr 2022 01:32 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

पीड़ित डॉ. विकास ने अपनी शिकायत में बताया कि बेटी के एमबीबीएस में एडमिशन के लिए वे स्कूल गए थे, जहां उनकी मुलाकात आरोपियों से हो गई।
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एमबीबीएस की सीट दिलाने के नाम पर ठगी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्वी गोकुलपुर, लोनी बॉर्डर दिल्ली निवासी डॉ. विकास ने बरेली के डॉ. मधुर और उसके असिस्टेंट अशोक विहार कॉलोनी, संजयनगर निवासी कौशल के खिलाफ धोखाधड़ी कर ढाई लाख रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना इज्जतनगर में दर्ज रिपोर्ट में उन्होंने बेटी का एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है।

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आईजी को भेजी शिकायत में डॉ. विकास ने कहा है कि वर्ष 2019 में उनकी बेटी सारा ने रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में नीट की परीक्षा दी थी। उस समय खुद को बरेली का रहने वाला बताकर डॉ. मधुर मेडिकल कॉलेज के बाहर उन्हें मिला था। उसने कहा कि अगर नीट अभ्यर्थी को यह लगता है कि उसके नंबर सरकारी सीट के लिए कम हैं तो अभ्यर्थी उनसे मिले, वह एडमिशन करा देगा।

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उन्होंने बताया कि बेटी के भविष्य को देखकर वह डॉ. मधुर की बातों में आ गए। छह मई 2019 को डॉ. मधुर का असिस्टेंट बताकर कौशल नाम का व्यक्ति डीपीएम इंस्टीट्यूट, एयरपोर्ट पर उनसे मिला। सरकारी सीट पर एडमिशन कराने की बात कहकर उसने पांच लाख रुपये में बात तय की और उनसे ढाई लाख रुपये का चेक बतौर एडवांस ले लिया। यह चेक डॉ. कौशल किशोर शर्मा के अकाउंट में लगाकर 14 मई, 2019 को कैश करा लिया गया।

उन्होंने बताया कि इसी बीच उनकी बेटी का एडमिशन अपने आप ही एमबीबीएस में सरकारी सीट पर हो गया। इसके बाद उन्होंने डॉ. मधुर से संपर्क करके रुपये लौटाने को कहा तो उसने रुपये न देने की बात कही। डॉ. कौशल किशोर से संपर्क किया तो वह रुपये लौटाने में बहानेबाजी करने लगा। सबूत के तौर पर उसके अकाउंट में भुगतान हुआ चेक और बैंक से आया मेसेज उनके पास मौजूद है। डॉ. विकास की शिकायत के बाद बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
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